नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए आईएनसी संवैधानिक नियामक नहीं, अध्यक्ष बोले-राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल ही देती है मान्यता
बिहार प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. कौशल कुमार गिरि एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल संवैधानिक नियामक नहीं है। सयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई है। कहा गया है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल संवैधानिक नियामक नहीं है।
DESWA DESK : बिहार प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. कौशल कुमार गिरि एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल संवैधानिक नियामक नहीं है। सयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई है। कहा गया है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल संवैधानिक नियामक नहीं है।
विदित हो कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा नर्सिंग एवं मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नर्सिंग शिक्षा एवं पारामेडिकल की मान्यता राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल के द्वारा प्रदान की जाती है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल, नई दिल्ली के उत्तरदायित्व एवं अधिकार क्षेत्र की व्याख्या, समान पाठ्यक्रम बनाने एवं राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के लिए की जाती है।
अध्यक्ष डा कौशल कुमार गिरि ने कहा है कि नर्सिंग के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री तथा पीजी पाठ्यक्रम के लिए संस्थानों की मान्यता सभी राज्यों में स्टेट नर्सिंग काउंसिल-स्वास्थ्य विभाग, राज्य सरकार प्रदान करती है। इस संबंध में बिहार सरकार एवं उच्च न्यायालय का भी निर्णय है, जो सबसे प्रचलित निर्णय है। कर्नाटक स्टेट हेल्थ एसोसिएशन एवं इंडियन नर्सिंग काउंसिल-2017 का निर्णय है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, प्राइवेट नर्सिंग स्कूल एंड कालेज मैनेजमेंट एसोसिएशन का 2019 का भी निर्णय है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से यह निर्णय दिया है कि नर्सिंग में डिप्लोमा एवं डिग्री की मान्यता देने का अधिकार राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल को ही है। इस आलोक में इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने भी 15 अक्तूबर 2020 को एक पत्र निर्गत किया है।
आईएनसी ने भी उच्च न्यायालय कर्नाटका के द्वारा दिनांक 24 जुलाई 2017 को WP 25355-57/2017 में दिये गए न्यायिक निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट पत्र निर्गत किया है कि आईएनसी नर्सिंग संस्थान को मान्यता देने का अधिकार नहीं रखती है। यह अधिकार राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल को है। यह पत्र आईएनसी के वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।













