राजधानी पटना का कोना-कोना होगा जगमग, स्ट्रीट लाइट को लेकर मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा निर्देश

राजधानी पटना अब स्ट्रीट लाइट से जगमग रहेगी। कहीं भी अगर स्ट्रीट लाइट खराब पाई गई तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत पटना नगर निगम द्वारा संचालित पटना नगर निगम स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान यह बातें कही। 

राजधानी पटना का कोना-कोना होगा जगमग, स्ट्रीट लाइट को लेकर मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा निर्देश

DESWA DESK : राजधानी पटना अब स्ट्रीट लाइट से जगमग रहेगी। कहीं भी अगर स्ट्रीट लाइट खराब पाई गई तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत पटना नगर निगम द्वारा संचालित पटना नगर निगम स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान यह बातें कही। 

बैठक में शहर में स्ट्रीट लाइट की उपलब्धता, उनके रखरखाव तथा नए स्ट्रीट लाइट की आपूर्ति, अधिष्ठापन एवं ऑटोमेशन से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी स्ट्रीट लाइटों को पूरी तरह चाली हालत में रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पटना नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में स्थापित सभी स्ट्रीट लाइटों का शीघ्रता से मेंटेनेंस कर उन्हें चालू अवस्था में लाया जाए।

उन्होंने नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्देशित किया कि पथ निर्माण विभाग से संबंधित सभी एजेंसियों को स्ट्रीट लाइट के बेहतर रखरखाव एवं नियमित मेंटेनेंस के लिए पत्र के माध्यम से निर्देशित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नए स्ट्रीट लाइट सोलर बेस्ड लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलर प्लेट, बैटरी एवं लाइट सभी एक साथ इनबिल्ट हों, ताकि इनके संचालन एवं रखरखाव में सुविधा हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी स्ट्रीट लाइटों को सोलर आधारित करने से होने वाली बिजली एवं अन्य व्यय में संभावित बचत का अध्ययन कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग को अध्ययन के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पटना शहर व्यवस्थित एवं साफ-सुथरा दिखे, इसके लिये बेहतर कार्ययोजना के साथ काम करें। गांधी मैदान के आसपास के चीजों को व्यवस्थित करें ताकि गांधी मैदान का प्राकृतिक स्वरूप बेहतर दिखे।