ईओ हत्याकांड में काम के दबाव की थ्योरी पर भड़के तेजस्वी, कहा-ड्राइवर पर सारा ठीकरा फोड़ना बचकाना लॉजिक, विधायक और आईजी...?
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमलों की बौछार कर दी। तेजस्वी यादव ने लोजपा-रामविलास के विधायक सोनू सिंह को इस पूरी हत्या का मुख्य साजिशकर्ता करार देते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
DESWA DESK : डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमलों की बौछार कर दी। तेजस्वी यादव ने लोजपा-रामविलास के विधायक सोनू सिंह को इस पूरी हत्या का मुख्य साजिशकर्ता करार देते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से बिहार में यह दूसरे सरकारी अधिकारी की हत्या है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। मुख्यमंत्री पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने कहा कि सीएम के पास ज्ञान भवन जाकर ड्रामा देखने का समय है, लेकिन पीड़ित परिवार से मिलने का समय नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी सामने घूम रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री इस आरोपी विधायक का एनकाउंटर कराएंगे? नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि मृत अधिकारी का परिवार लगातार 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग किए जाने का आरोप एनडीए विधायक सोनू सिंह पर लगा रहा है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि आखिर बिहार पुलिस इस एंगल से जांच क्यों नहीं कर रही है?
इसी क्रम में उन्होंने मामले की जांच से जुड़े आईजी विकास वैभव की भूमिका पर भी उंगली उठाई। तेजस्वी ने कहा कि आईजी विकास वैभव का आरोपी विधायक सोनू सिंह के साथ बहुत अच्छा संबंध है। आईजी द्वारा बनाए गए मंच के कई कार्यक्रमों में सोनू सिंह उनके साथ मंच साझा करते देखे गए हैं। इसलिए पुलिस इस मामले में विधायक को बचाने का प्रयास कर रही है और सारा ठीकरा ड्राइवर पर फोड़ रही है। पुलिस द्वारा अधिकारी की हत्या के पीछे काम के अत्यधिक दबाव को वजह बताने पर तेजस्वी ने तंज कसा।
उन्होंने कहा कि अगर काम के दबाव में हत्या होती है तो यह कौन सा लॉजिक है? मुख्यमंत्री के ड्राइवर को भी छुट्टी नहीं मिल रही है, उसके पास भी काम ज्यादा है तो क्या वह मुख्यमंत्री की हत्या कर देगा? इस बेतुके लॉजिक से तो कल को मेरी भी हत्या हो सकती है। तेजस्वी यादव ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और विधायक सोनू सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाया जाए।
बता दें कि रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ईओ विमल कुमार की शनिवार की रात औरंगाबाद जिले के बारूण थाना क्षेत्र इलाके में शनिवार की रात उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वे पटना के दानापुर इलाके गोला रोड स्थित टी-प्वाइंट के पास अपने परिवार से मिलने घर आ रहे थे। वे मूल रूप से गयाजी जिले के शेरघाटी रहने वाले थे, लेकिन उनका परिवार गोला रोड में रहता है। पुलिस का कहना है कि उनके ड्राइवर मिथिलेश ने ही पुराने विवाद में उनकी हत्या की है।
उसपर वर्क प्रेशर था और काम के दबाव में था। उसे छुट्टी नहीं मिल रही थी और इस वजह से वह नाराज था। इसी कारण उसने ईओ विमल कुमार की गाड़ी में रखी राॅड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने भी कहा कि पूछताछ में ड्राइवर ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने काम के दबाव और पुराने विवाद को लेकर उनकी हत्या की है। बताया जा रहा है कि करीब छह माह पहले ईओ ने ड्राइवर को हटा दिया था, लेकिन बाद में फिर से उसे नौकरी पर रख लिया था।













