शिक्षक दिवस पर पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन; कफन पदयात्रा में शामिल लोगों को टांग ले गई पुलिस, कई हिरासत में
गांधी मैदान से शुरू होकर बिहार विधानसभा तक जाने वाली इस पदयात्रा में अनोखा विरोध देखने को मिला। पदयात्रा में शामिल अतिथि शिक्षक फटे कपड़ों में पहुंचे थे और हाथों में कटोरा लेकर सरकार व पुलिस के सामने भीख मांगते नजर आए। प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेता और शिक्षक गले में सफेद कपड़ा बांधे हुए थे, जिसे उन्होंने कफन करार दिया। डाकबंगला और जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने वाटर कैनन को तैयार रखा था। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता और अतिथि शिक्षकों को टांग-टांगकर पुलिस वाहनों में डाल दिया और उन्हें डिटेन कर लिया।
DESWA DESK : शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ता और शिक्षक उतर आए। कांग्रेस और अतिथि शिक्षकों द्वारा आयोजित कफन पदयात्रा के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जमहों पर नोकझोंक हुई। जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे कांग्रेस नेताओं और शिक्षकों से पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
गांधी मैदान से शुरू होकर बिहार विधानसभा तक जाने वाली इस पदयात्रा में अनोखा विरोध देखने को मिला। पदयात्रा में शामिल अतिथि शिक्षक फटे कपड़ों में पहुंचे थे और हाथों में कटोरा लेकर सरकार व पुलिस के सामने भीख मांगते नजर आए। प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेता और शिक्षक गले में सफेद कपड़ा बांधे हुए थे, जिसे उन्होंने कफन करार दिया। डाकबंगला और जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी।
जब प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने वाटर कैनन को तैयार रखा था। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता और अतिथि शिक्षकों को टांग-टांगकर पुलिस वाहनों में डाल दिया और उन्हें डिटेन कर लिया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो छह सितंबर से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन शिक्षा सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा।
उधर, श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित आधिकारिक शिक्षक दिवस समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग सड़कों पर प्रदर्शन और उपद्रव कर रहे हैं, वे शिक्षक नहीं बल्कि कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आज तक शिक्षकों के हित में कोई काम नहीं किया। जब बिहार में चरवाहा विद्यालय खोलकर शिक्षा व्यवस्था का मजाक उड़ाया जा रहा था, तब यही कांग्रेस ताली बजा रही थी। हमारी सरकार शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। और उनकी उचित मांगों पर सरकार विचार करेगी।













