भोजपुर जिले के उदवंतनगर में 32 एकड़ क्षेत्र में होगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का निर्माण, मरीन ड्राइव की तर्ज पर मनेर से बक्सर तक सड़क

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीन ड्राइव की तर्ज पर मनेर से बक्सर तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिसका नामकरण महर्षि विश्वामित्र के नाम पर होगा। वर्ष 2030 में जब मैं आप सभी के बीच वोट मांगने आऊंगा, तब आपके बगल में मरीन ड्राइव ऐसा होगा जो आपको तथा आपके खेत को पानी से सुरक्षित रखेगा।

भोजपुर जिले के उदवंतनगर में 32 एकड़ क्षेत्र में होगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का निर्माण, मरीन ड्राइव की तर्ज पर मनेर से बक्सर तक सड़क

DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि कृषि, मत्स्यपालन और पशुपालन ही बिहार की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। दक्षिण बिहार पशुपालन के लिए जाना जाता है, जबकि उत्तरी बिहार में मत्स्यपालन बड़े पैमाने पर होता है, यह जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है। बिहार की धरती में इतनी ताकत है कि पूरे झारखंड को भी मछली खिला सकता है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड के नवादाबेन पंचायत स्थित वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में 31.21 करोड़ रुपये की लागत से 32 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों, मत्स्यपालकों को चाबी एवं किट प्रदान की। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विकसित होने वाले इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क में कार्प हैचरी, स्ट्रिप्ड कैटफिश हैचरी, ब्रुडर इन्क्यूबेशन यूनिट, ओवरहेड टैंक, कंक्रीट रियरिंग टैंक, ईटीपी पाइपलाइन, विभिन्न प्रकार के तालाब, बायो फ्लॉक इकाइयां, आरएएस, फीड मिल एवं मशीनरी, छात्रावास, अतिथि गृह, प्रशासनिक भवन, प्रयोगशाला एवं प्रशिक्षण परिसर, जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला, रोग निदान प्रयोगशाला तथा क्वारंटाइन टैंक एवं वेट लैब सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार का सपना धरातल पर उतर रहा है। कृषि, मत्स्यपालन और पशुपालन ही बिहार की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। दक्षिण बिहार पशुपालन के लिए जाना जाता है, जबकि उत्तरी बिहार में मत्स्यपालन बड़े पैमाने पर होता है, यह जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में मछली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार में मछली उत्पादन में तीन गुनी बढ़ोतरी हुई है। 

बिहार की धरती में इतनी ताकत है कि पूरे झारखंड को भी मछली खिला सकता है। यहां बाणासुर मत्स्यबीज प्रक्षेत्र की 32 एकड़ भूमि पर मछली पालन के अलावा इको टूरिज्म विकसित किया जाएगा। इस स्थल के एक तरफ रेलवे ट्रैक है, जबकि दूसरी तरफ फोरलेन सड़क है। यह ऐसी धरती है जिसके दोनों तरफ फोरलेन है। आप सभी के आशीर्वाद से मैं बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर काम कर रहा हूं। आप सभी के सहयोग से बिहार समृद्ध होगा, यह मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीन ड्राइव की तर्ज पर मनेर से बक्सर तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिसका नामकरण महर्षि विश्वामित्र के नाम पर होगा। वर्ष 2030 में जब मैं आप सभी के बीच वोट मांगने आऊंगा, तब आपके बगल में मरीन ड्राइव ऐसा होगा जो आपको तथा आपके खेत को पानी से सुरक्षित रखेगा। पहले बिहार को सोन नदी का पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता था। गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह समझौता हुआ कि सोन नदी का दो तिहाई पानी बिहार को मिलेगा, जबकि एक तिहाई पानी झारखंड इस्तेमाल करेगा। 

उन्होंने कहा कि मनेर के पास एक बराज बनाया जाएगा जो सोन नदी का पानी गंगा नदी में जाने से रोकेगा। पूरे बिहार में खराब पड़े 80 हजार चापाकलों को 15 जून तक दुरुस्त करने का लक्ष्य निर्धारित था, जिनमें से 75 हजार खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त कर लिया गया है। शेष जो खराब हैं, जिनकी मरम्मति नहीं की जा सकती है, उनके जगह नए चापाकल लगाए जाएंगे। यह इलाका धान का कटोरा कहलाता है। इस इलाके को हर प्रकार से समृद्ध और विकसित बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 से बिहार के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। अब हमलोगों ने ढाई लाख लोगों के घरों के छतों पर सोलर युक्त बिजली मुहैया कराने हेतु सोलर पैनल लगाने का काम शुरू किया है। नवादा जिले में डैम पर सोलर पंप स्टोरेज सिस्टम लगाने का काम शुरू किया गया है। पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य बिहार है, जहां बिजली उपभोक्ताओं को सबसे अधिक अनुदान 23 हजार करोड़ रूपये दिया जाता है। बिहार की ग्रामीण सड़कें काफी बेहतर हैं। बिहार में जितनी 
अधिक ग्रामीण सड़कें हैं उतनी देश में कहीं नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने सहयोग शिविर कार्यक्रम शुरू कराया है। प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन होता है, जिसमें अपनी समस्याओं के निष्पादन हेतु लोग आवेदन देते हैं। आवेदन देने के 30वें दिन के अंदर आवेदन का निष्पादन नहीं किया जाता है तो 31 वें दिन संबंधित पदाधिकारी स्वतः निलंबित हो जायेंगे। हमें बिहार को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए दोगुनी गति से काम करना होगा। ना सोना है ना सोने देना है, सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है। आपकी समस्याओं का समाधान हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 से 2014 तक जितने गरीब लोगों को पक्का मकान नहीं मिला था, उसे दोगुना अधिक पक्का मकान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल में मुहैया कराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में विगत 10 वर्षों में 55 लाख लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है। समाज को अपराध मुक्त बनाते हुए बिहार को समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह से बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। बिहार के सभी 534 प्रखंडों में ऐसे मॉडल स्कूल स्थापित करने हैं जहां उच्च अधिकारियों से लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बच्चे भी पढ़ने के लिए उत्सुक हों। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करने का काम किया है। 

विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी पुनर्स्थापित किया जाएगा। यहां बाबू वीर कुंवर सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय है। यह धरती शिक्षा का केंद्र बनेगा। भारत सरकार का पूरा सहयोग बिहार को मिल रहा है। इस एक्वा पार्क के स्थापित होने से राज्य में नवीनतम मत्स्य पालन तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन संभव होगा। साथ ही, मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, पोषण सुरक्षा बढ़ाने और मत्स्य किसानों की आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।