टेंडर घोटाला : IAS संजीव हंस 'लापता', पिता के इलाज के नाम पर लंबी छुट्टी की अर्जी, पर कहां हैं 'साहेब' किसी को नहीं पता
रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) की बढ़ती दबिश के बीच घोटाले की आंच जैसे ही सीनियर आईएएस अधिकारी संजीव हंस तक पहुंची, वे अचानक 'लापता' हो गए हैं। एसवीयू के अधिकारी उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रहे हैं और उनके घर से लेकर दफ्तर तक पर पैनी नजर रखी जा रही है, लेकिन 'साहेब' का कुछ पता नहीं है।
DESWA DESK : रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) की बढ़ती दबिश के बीच घोटाले की आंच जैसे ही सीनियर आईएएस अधिकारी संजीव हंस तक पहुंची, वे अचानक 'लापता' हो गए हैं। एसवीयू के अधिकारी उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रहे हैं और उनके घर से लेकर दफ्तर तक पर पैनी नजर रखी जा रही है, लेकिन 'साहेब' का कुछ पता नहीं है।
इस बीच सचिवालय स्थित उनके चैंबर के गेट पर बड़ा सा ताला लटका नजर आया। शायद पहली बार है जब कोई अफसर सिर्फ छुट्टी पर गया हो और उसके चैंबर को इस तरह लॉक कर दिया गया हो। बता दें कि एसवीयू ने ठेकेदार और दलाल रिशुश्री से जुड़े करोड़ों के टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई की थी। इस मामले में संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी, चीफ इंजीनियर तारिणी दास और कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, अपने मातहतों और करीबियों की गिरफ्तारी के ठीक बाद से ही आईएएस संजीव हंस ने दफ्तर आना बंद कर दिया और वे कहां हैं, इसकी जानकारी विभाग के पास भी नहीं है। सचिवालय के गलियारे में इस वक्त संजीव हंस का बंद कमरा चर्चा का विषय बना हुआ है। अमूमन अधिकारी के छुट्टी पर रहने के बावजूद चैंबर खुला रहता है या स्टाफ बैठते हैं, लेकिन संजीव हंस के चैंबर के गेट पर ताला लगा है।
ऑफिस के अन्य सभी अधिकारियों के चैंबर खुले हैं, लेकिन हंस के चैंबर की साफ-सफाई तक बंद कर दी गई है। चैंबर के बाहर तैनात कर्मचारियों के चेहरे पर साफ डर देखा जा सकता है। कुछ भी पूछने पर वे बचते नजर आए। एक कर्मचारी ने दबी जुबान में कहा कि हम कुछ भी बताने की हालत में नहीं हैं। आप सीनियर अधिकारी से बात कीजिए। साहेब नहीं आ रहे हैं।
संजीव हंस ने अपने पिता के इलाज का हवाला देते हुए लंबी छुट्टी की एप्लीकेशन विभाग को भेजी है। हालांकि, टाइमिंग को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग का कोई भी अधिकारी ऑन-रिकॉर्ड यह बताने को तैयार नहीं है कि उनकी छुट्टी मंजूर हुई है या नहीं, और वे वर्तमान में किस लोकेशन पर हैं। एसवीयू के सूत्रों का कहना है कि रिशु श्री टेंडर घोटाले के तार बेहद ऊंचे रसूखदारों से जुड़े हैं। मुमुक्षु चौधरी और चीफ इंजीनियर से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके बाद संजीव हंस की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि एसवीयू की संभावित गिरफ्तारी या कड़ी पूछताछ के डर से ही अधिकारी अंडरग्राउंड हो गए हैं। फिलहाल विजिलेंस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं और जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा एक्शन देखने को मिल सकता है। हालांकि संजीव हंस ने कहा कि उन्हें फंसाया गया है, उनके कार्यकाल में रिशुश्री को टेंडर नहीं दिया गया। वे अपने पिता के इलाज के लिए छुट्टी पर हैं और जांच में हरसंभव सहयोग को तैयार हैं।













