15 जुलाई से मात्र 21 सौ रुपये में हेलीकॉप्टर से करें पटना की सैर, आप बिहार की सुंदरता देखें..सरकार देगी सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटनावासियों को 15 जुलाई से मात्र 21सौ रुपये में हेलीकॉप्टर से लोगों को पटना की सैर करायेंगे। इसके अलावा राजगीर, मुंडेश्वरी माता का मंदिर, तुतला भवानी का मंदिर, उस क्षेत्र का वाटरफॉलए वाल्मीकिनगर टाईगर रिजर्व एरिया का छह हजार रुपये में हेलीकॉप्टर से सैर करायेंगे। इस खर्च के अलावा बिहार सरकार भी अपना पैसा उसमें खर्च करेगी।
DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राजधानी वासियों को 15 जुलाई से मात्र 21 सौ रुपये में पटना की सैर करायेंगे। इसके अलावा राजगीर, मुंडेश्वरी माता का मंदिर, तुतला भवानी मंदिर, उस क्षेत्र के वाटरफॉल और वाल्मीकिनगर टाईगर रिजर्व एरिया का छह हजार रुपये में हेलीकॉप्टर से सैर करायेंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मत्स्य विकास भवन, मीठापुर में राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। मीठापुर के के मत्स्य विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केन्द्र सरकार की तीन-तीन योजनाओं का अलग-अलग जगहों पर शिलान्यास एवं उद्घाटन करने का मुझे मौका मिला है। गयाजी में टेक्नोलॉजी पार्क का शिलान्यास, भोजपुर में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास तथा मीठापुर में एनएफडीबी, हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा है कि बिहार में मछली के उत्पादन में वृद्धि के लिये हमारा विभाग कम दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिये तैयार है। हमने उनसे कहा है कि इसके लिये हमारे अधिकारी काम करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में नीली क्रांति, सफेद क्रांति, कृषि क्रांति एवं कृषि रोडमैप के द्वारा बिहार में किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्यपालकों के हित के लिये कई कार्य किये गये हैं। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में मछली खाने के लिये नहीं मिलता था। बिहार मछली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।
अब बिहार के मत्स्यपालक 95 प्रतिशत मछली उत्पादन कर यहां राज्यवासियों को उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन हमलोगों को दुनिया को मछली निर्यात करना है। बगल के झारखण्ड राज्य एवं नेपाल देश में अपने राज्य की मछली उपलब्ध कराना है। बिना कांटेवाले और उत्तम क्वालिटी के मछली का उत्पादन कर देश-विदेश में मछली लोगों तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पंचायत एवं प्रखण्ड में मछली उत्पादन को बढ़ावा देना है। ग्रामीण क्षेत्र में हाट के कॉन्सेप्ट पर दूध, सब्जी, मछली एक साथ बिक्री करने की योजना पर काम करना होगा ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ मिले।
सहकारिता विभाग की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकारिता समितियों के माध्यम से मछली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित कर काम कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से आम आदमी की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। लोगों की समस्याओं का आवेदन के 30वें दिन तक निपटारा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वतः निलंबित हो जायेंगे। उद्योग लगाने वालों के लिये सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है। अब तय किया गया है कि उद्योग लगाने के लिये आवेदन करने वालों का 30 दिनों के अंदर अगर लाइसेंस नहीं मिलता है तो 31 वां दिन स्वतः लाइसेंस मिल जायेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार विकास की राह पर है। बिहार और झारखण्ड का बंटवारा हुआ, इसके बाद बिहार को काफी संघर्ष करना पड़ा है लेकिन 2024-25 का बजट पेश करते समय मैं वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री था। हमारे बजट पेश करने के एक घंटा पहले झारखण्ड राज्य ने 1 लाख 39 हजार करोड़ रूपये का बजट पेश किया, जबकि बिहार ने 3 लाख 17 हजार करोड़ रूपये का बजट पेश किया। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि बिहार कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बदला हुआ बिहार है। सभी क्षेत्रों में कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटनावासियों को 15 जुलाई से मात्र 21सौ रुपये में हेलीकॉप्टर से लोगों को पटना की सैर करायेंगे। इसके अलावा राजगीर, मुंडेश्वरी माता का मंदिर, तुतला भवानी का मंदिर, उस क्षेत्र का वाटरफॉलए वाल्मीकिनगर टाईगर रिजर्व एरिया का छह हजार रुपये में हेलीकॉप्टर से सैर करायेंगे। इस खर्च के अलावा बिहार सरकार भी अपना पैसा उसमें खर्च करेगी। बिहार के कई जिलों में तालाबों की अच्छी संख्या है, उसे विकसित कर नीचे मछली और ऊपर पावर सोलर का उत्पादन किया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को हम सब मिलकर पूरा करेंगे। आज एनएफडीबी, हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन हुआ है। इसका सीधा लाभ बिहार की जनता को मिलेगा और राज्य के मत्स्यपालन को गति मिलेगी।













