खेल के मैदान से खाकी तक : स्टार क्रिकेटर मुकेश कुमार बने बिहार पुलिस में डीएसपी, शादी से पहले आकाशदीप को भी बड़ा तोहफा
बिहार के दो लाल, जिन्होंने अपनी रफ्तार और स्विंग से दुनिया भर के बल्लेबाजों के होश उड़ाए, अब बिहार पुलिस की शान बढ़ाएंगे। राज्य की सम्राट सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार को बिहार पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त किया है।
DESWA DESK : बिहार के दो लाल, जिन्होंने अपनी रफ्तार और स्विंग से दुनिया भर के बल्लेबाजों के होश उड़ाए, अब बिहार पुलिस की शान बढ़ाएंगे। राज्य की सम्राट सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार को बिहार पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त किया है। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई थी। इस नई खेल नीति के लागू होने के महज दो दिन के भीतर ही सामान्य प्रशासन विभाग ने दोनों स्टार क्रिकेटरों की नियुक्ति संबंधी जानकारी गृह विभाग के सचिव को भेज दी है।
बिहार के ये दोनों गेंदबाज अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भारतीय टीम तक पहुंचे हैं और अब राज्य सरकार ने इन्हें खेल कोटे से सीधे राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) का दर्जा देकर सम्मानित किया है। आकाशदीप सासाराम के रहने वाले हैं और भारतीय टेस्ट टीम के स्टार बॉलर हैं। वहीं, मुकेश कुमार गोपालगंज जिले के रहने वाले हैं और भारतीय टीम के तेज गेंदबाज हैं।
सासाराम के बड्डी गांव के रहने वाले आकाशदीप के घर में इस समय दोहरे जश्न का माहौल है। आगामी 24 जून को आकाशदीप की शादी होने वाली है। शादी की रस्मों और शहनाइयों के बीच सरकार की तरफ से मिली डीएसपी की इस नौकरी ने उनके परिवार की खुशियों को चौगुना कर दिया है। इसे आकाशदीप के लिए शादी का सबसे बेहतरीन 'प्री-वेडिंग गिफ्ट' माना जा रहा है।
बिहार सरकार ने राज्य में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 को हरी झंडी दिखाई है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को बिना किसी लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के सीधे सरकारी नौकरी देना है। मुकेश और आकाशदीप इस नई नीति के तहत लाभान्वित होने वाले शुरुआती बड़े चेहरे बन गए हैं।
इस फैसले के बाद खेल प्रेमियों और दोनों खिलाड़ियों के गृह जिलों (रोहतास और गोपालगंज) में जश्न का माहौल है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों खिलाड़ी औपचारिक रूप से अपनी ड्यूटी जॉइन करेंगे और खाकी वर्दी में नजर आएंगे। खेल विश्लेषकों का कहना है कि यह बिहार के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए एक नया सवेरा है। जब मैदान पर देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को खाकी वर्दी का सम्मान मिलता है, तो आने वाली पीढ़ी को खेल को करियर के रूप में चुनने की नई प्रेरणा मिलती है।













