विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान: बिहार में शव वाहन टैक्स खत्म, खुले में मांस बिक्री पर बैन

बिहार विधान परिषद में लिए गए अहम फैसलों ने प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। राज्य सरकार ने एक ओर आम जनता को राहत देने वाला मानवीय निर्णय लिया है, तो दूसरी ओर स्वच्छता और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में शव वाहन पर लगाए जाने वाले सभी प्रकार के टैक्स समाप्त करने की ....

विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान: बिहार में शव वाहन टैक्स खत्म, खुले में मांस बिक्री पर बैन

सोमवार को बिहार विधान परिषद में लिए गए अहम फैसलों ने प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। राज्य सरकार ने एक ओर आम जनता को राहत देने वाला मानवीय निर्णय लिया है, तो दूसरी ओर स्वच्छता और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में शव वाहन पर लगाए जाने वाले सभी प्रकार के टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सदन में स्पष्ट कहा कि अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और नगर विकास विभाग शव वाहन पर किसी भी प्रकार का कर नहीं वसूलेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आम लोगों को कठिन समय में आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि शोक की घड़ी में परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ना चाहिए।

खुले में मांस बिक्री पर सख्त प्रतिबंध
सदन में ही डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राज्यभर में खुले स्थानों पर मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है।उन्होंने स्पष्ट किया कि खुले में मांस की बिक्री किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन को स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा।सरकार का कहना है कि यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों को मजबूत करने और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

प्रशासनिक सख्ती और सामाजिक राहत का संतुलन
बता दें कि सरकार के इन फैसलों में एक ओर जहां  मानवीय संवेदनशीलता झलकती है, तो वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक दृढ़ता भी दिखाई देती है। शव वाहन पर टैक्स समाप्त कर आम नागरिकों को राहत देने की कोशिश की गई है, जबकि खुले में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर स्वच्छता और व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।इन निर्णयों का प्रभाव आने वाले दिनों में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर साफ दिखाई देगा।

राजनीतिक सवालों पर सरकार का जवाब
वहीं सदन में चर्चा के दौरान राजनीतिक प्रश्न भी उठे। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अपराध स्वीकार करना या न करना न्यायिक प्रक्रिया का अंतिम आधार नहीं होता।वहीं लालू प्रसाद यादव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून केवल सबूतों के आधार पर चलता है और अंतिम निर्णय अदालत ही करती है। यदि पर्याप्त प्रमाण होंगे, तो न्यायालय ही पूरे मामले में फैसला सुनाएगा।