STET 2025 परीक्षा का परिणाम घोषित:, 2.56 लाख अभ्यर्थियों को मिली सफलता
बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लंबे इंतज़ार का अंत हो गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने सोमवार को राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 का परिणाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में शामिल हुए कुल 4.42 लाख अभ्यर्थियों में से 2.56 लाख अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। कुल मिलाकर STET 2025 का पास प्रतिशत.....
बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लंबे इंतज़ार का अंत हो गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने सोमवार को राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 का परिणाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में शामिल हुए कुल 4.42 लाख अभ्यर्थियों में से 2.56 लाख अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। कुल मिलाकर STET 2025 का पास प्रतिशत 57 फीसदी रहा है।
पेपर-1 में बेहतर प्रदर्शन, 62% अभ्यर्थी सफल
STET 2025 का आयोजन दो चरणों में किया गया था। पहले चरण में पेपर-1 (कक्षा 9वीं–10वीं) के लिए 2.46 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 1.54 लाख अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इस तरह पेपर-1 का रिजल्ट 62 प्रतिशत रहा।वहीं पेपर-2 (कक्षा 11वीं–12वीं) में 1.95 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 1.02 लाख अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। पेपर-2 का कुल परिणाम 52 प्रतिशत रहा है।
BSEB अध्यक्ष आनंद किशोर ने जारी किए आंकड़े
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, दोनों पेपरों को मिलाकर कुल 57 प्रतिशत अभ्यर्थी STET 2025 में सफल हुए हैं। यह परीक्षा माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की जाती है। बता दें कि STET 2025 परीक्षा का आयोजन दो चरणों में किया गया था। पेपर-I: सेकेंडरी स्तर (कक्षा 9वीं–10वीं) और पेपर-II: सीनियर सेकेंडरी स्तर (कक्षा 11वीं–12वीं)। परीक्षा के बाद बिहार बोर्ड ने 24 नवंबर 2025 को STET 2025 की प्रोविजनल आंसर-की भी जारी की थी।
आंदोलन और लाठीचार्ज के बाद संभव हो सकी परीक्षा
गौरतलब है कि STET परीक्षा की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन किया था। 7 अगस्त और 18 अगस्त को पटना कॉलेज परिसर से मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए निकले अभ्यर्थियों पर डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।हालांकि, बाद में शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना और अक्टूबर महीने में STET परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश बिहार बोर्ड को दिया। इसके बाद परीक्षा का सफल आयोजन और अब परिणाम की घोषणा संभव हो सकी।













