बांकीपुर उपचुनाव : मतदान केंद्रों से दूर रहें जीविका दीदियां और पैरामिलिट्री फोर्स, जन सुराज की बड़ी डिमांड

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने चुनाव आयोग को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि मतदान केंद्रों से पैरामिलिट्री फोर्स और जीविका दीदियों को पूरी तरह दूर रखा जाए। इसके बजाय जन सुराज ने मतदान केंद्रों पर बिहार पुलिस की तैनाती की वकालत की है।

बांकीपुर उपचुनाव : मतदान केंद्रों से दूर रहें जीविका दीदियां और पैरामिलिट्री फोर्स, जन सुराज की बड़ी डिमांड

DESWA DESK : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी ने चुनाव में प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने चुनाव आयोग को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि मतदान केंद्रों से पैरामिलिट्री फोर्स और जीविका दीदियों को पूरी तरह दूर रखा जाए। इसके बजाय जन सुराज ने मतदान केंद्रों पर बिहार पुलिस की तैनाती की वकालत की है।

जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पत्रकारों से बातचीत में राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बूथों पर तैनात जीविका दीदियों ने मतदाताओं को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया था। इसलिए आयोग से मांग की गई है कि इस बार बांकीपुर के सभी मतदान केंद्रों पर जीविका दीदियों की ड्यूटी न लगाई जाए।

पार्टी का आरोप है कि मतदान से ठीक पहले राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका दीदियों के समूहों को ध्यान में रखकर दस हजार रुपये की नकद सहायता बांटी थी। इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को व्यवसाय बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की सहायता दे सकती है, जिसका इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किए जाने की आशंका है।

आमतौर पर निष्पक्ष चुनाव के लिए विपक्षी दल केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग करते हैं, लेकिन जन सुराज का रुख इसके विपरीत है। पार्टी ने आशंका जताई है कि केंद्रीय बलों की तैनाती के नाम पर प्रशासनिक पक्षपात हो सकता है। इसीलिए उन्होंने मांग की है कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की कमान सीधे राज्य सरकार के अधीन आने वाली बिहार पुलिस को सौंपी जाए।

जन सुराज द्वारा सौंपे गए चार सूत्री मांग पत्र में केवल सुरक्षा बलों और जीविका दीदियों का ही मुद्दा नहीं है, बल्कि प्रशांत किशोर की छवि को धूमिल करने की कोशिशों पर भी आपत्ति जताई गई है। पार्टी ने बांकीपुर क्षेत्र में प्रशांत किशोर की तस्वीर वाले आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्टर-बैनर लगाए जाने की शिकायत की है। चुनाव आयोग से मांग की गई है कि इन पोस्टरों को तुरंत हटाया जाए और इन्हें लगाने वाले शरारती तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर का यह उपचुनाव न केवल प्रशांत किशोर के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा, बल्कि बिहार की चुनावी राजनीति में जन सुराज की असली ताकत का पैमाना भी साबित होगा।
दरअसल, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बांकीपुर सीट से अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले तीन दशकों से बीजेपी का गढ़ रही इस सीट को छीनने के लिए प्रशांत किशोर ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब देखना है कि चुनाव आयोग इस ज्ञापन पर क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।