बिहार विधान परिषद चुनाव: दिग्गजों की चौखट पर सियासी बिसात, पवन सिंह पहुंचे प्रदेश दफ्तर, कहा-भाजपा मेरी मां
नाम के एलान के बाद भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह आज पहली बार वीरचंद पटेल स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में चुनाव की तैयारियों और सांगठनिक मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। मुलाकात के बाद पत्रकारों से मुखातिब पवन सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, भाजपा मेरी मां की तरह है।
DESWA DESK : बिहार विधान परिषद (MLC) की नौ सीटों पर होने वाले मुख्य चुनाव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव को लेकर सूबे की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। एनडीए (NDA) के भीतर टिकटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों के एलान के साथ ही सियासी गोटियां बिछनी शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में भारी गहमा-गहमी देखी गई, जहां पार्टी के नवनियुक्त उम्मीदवारों ने अपनी हाजिरी लगाई।
प्रदेश दफ्तर पहुंचे पवन सिंह, कहा-भाजपा मेरी मां
नाम के एलान के बाद भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह आज पहली बार वीरचंद पटेल स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में चुनाव की तैयारियों और सांगठनिक मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। मुलाकात के बाद पत्रकारों से मुखातिब पवन सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, भाजपा मेरी मां की तरह है। जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे मैं पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगा। सदन में युवाओं और जनता की आवाज को मजबूती से उठाना ही मेरी पहली प्राथमिकता होगी।
जदयू-भाजपा ने खोले पत्ते, चिराग ने अंसारी पर खेला दांव
महागठबंधन को पटखनी देने के लिए एनडीए के दो बड़े दल, भाजपा और जदयू (JDU) ने अपने चार-चार उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है। दोनों ही दलों ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला लिया है। चिराग ने अपनी पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाकर एनडीए के अल्पसंख्यक कोटे को मजबूत करने का संदेश दिया है।
मंत्री दीपक प्रकाश के नाम पर सस्पेंस बरकरार
एक तरफ जहां एनडीए के बाकी घटक दलों में चुनावी सरगर्मी तेज है, वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के खेमे में अभी खामोशी छाई हुई है। पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और सूबे के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की अटकलें तेज थीं, लेकिन अब तक उनके नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में इस सस्पेंस को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्र बताते हैं कि गठबंधन के भीतर सीटों के सूक्ष्म समीकरणों को लेकर बातचीत का दौर आखिरी दौर में है।
नौ सीटों पर एनडीए की जीत तय
संख्या बल के लिहाज से एनडीए इस चुनाव में बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, नौ सीटों पर एनडीए की जीत तय मानी जा रही है। बहरहाल, नामांकन की तारीखें नजदीक आते ही अब सभी की निगाहें विपक्षी खेमे (महागठबंधन) के पत्तों पर टिकी हैं कि वे इस सियासी घेरेबंदी का मुकाबला कैसे करते हैं।













