बिहार में मौसम का डबल अटैक: एक ओर भीषण गर्मी, दूसरी तरफ आंधी-बिजली का खतरा
बिहार में अप्रैल की शुरुआत ने ही मौसम का खतरनाक मिजाज दिखा दिया है। एक तरफ सूरज की तीखी तपिश लोगों को झुलसा रही है, तो दूसरी ओर अचानक बदलता मौसम आंधी, बारिश और बिजली..
बिहार में अप्रैल की शुरुआत ने ही मौसम का खतरनाक मिजाज दिखा दिया है। एक तरफ सूरज की तीखी तपिश लोगों को झुलसा रही है, तो दूसरी ओर अचानक बदलता मौसम, आंधी- बारिश और बिजली गिरने का खतरा लेकर खड़ा है। गर्मी और तूफानी हालात का यह संगम राज्य के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
मौसम ने अचानक करवट लेने के संकेत दिए हैं
बता दें कि अप्रैल के महीने में ही बिहार के कई जिलों में जून जैसी भीषण गर्मी महसूस की जा रही है। शुष्क पछुआ हवाओं ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रोहतास के डेहरी में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि कई जगहों पर पारा 45 डिग्री के करीब पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी का असर आम जनजीवन, स्वास्थ्य और कामकाज पर साफ नजर आ रहा है।इसी बीच मौसम ने अचानक करवट लेने के संकेत दिए हैं। उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
गरज के साथ मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी में अगले 1 से 3 घंटों के भीतर गरज के साथ मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो नुकसान पहुंचा सकती हैं।वहीं मधेपुरा, सहरसा और दरभंगा में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है।
तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश
इसके अलावा मधुबनी, सुपौल, अररिया, कटिहार और पूर्णिया में भी आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। भागलपुर और आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि इससे तापमान में थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन वज्रपात का खतरा बना रहेगा।बता दें कि बिहार में मौसम का यह दोहरा असर लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।













