भूमि विवाद निपटारे के लिए एक्शन में विजय सिन्हा, सोमवार-शुक्रवार होगी जनसुनवाई

बिहार में जमीन से जुड़ी समस्याओं के जल्द निपटारे को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार एक्शन मोड में हैं और अब उन्होंने राजस्व पदाधिकारियों को स्पष्ट टास्क सौंप दिया है। इसके तहत आम लोगों की जमीन से जुड़ी शिकायतों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित ....

भूमि विवाद निपटारे के लिए एक्शन में विजय सिन्हा, सोमवार-शुक्रवार होगी जनसुनवाई

बिहार में जमीन से जुड़ी समस्याओं के जल्द निपटारे को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार एक्शन मोड में हैं और अब उन्होंने राजस्व पदाधिकारियों को स्पष्ट टास्क सौंप दिया है। इसके तहत आम लोगों की जमीन से जुड़ी शिकायतों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सप्ताह में दो दिन जनसुनवाई अनिवार्य होगी
मंत्री विजय सिन्हा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 19 जनवरी से सभी राजस्व कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन—सोमवार और शुक्रवार—जनसुनवाई अनिवार्य होगी। इन दिनों राजस्व पदाधिकारी सीधे आम जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करेंगे।इसके साथ ही गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी भी सप्ताह में दो दिन लोगों की शिकायतें सुनेंगे। वे सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक अपने कार्यालय में जनसुनवाई करेंगे।

सबका सम्मान, जीवन आसान
मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राजस्व प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था के तहत आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। यह पहल सात निश्चय-3 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में अहम कदम है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमंडलीय आयुक्त अपने-अपने प्रमंडलों में और जिलाधिकारी अपने जिलों में राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 

आम जनता को राहत
सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से जमीन से जुड़े विवादों और शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।गौरतलब है कि मंत्री विजय सिन्हा स्वयं जन संवाद कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे मौके पर ही लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दे रहे हैं। इसी कड़ी में अब राजस्व अधिकारियों को यह नया टास्क सौंपा गया है, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।