जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर मांग रहा था घूस: बेतिया अंचल कार्यालय का क्लर्क 15 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ अरेस्ट
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। ताजा मामला पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से सामने आया है, जहां निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेतिया अंचल कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर तैनात क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है।
DESWA DESK : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। ताजा मामला पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से सामने आया है, जहां निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेतिया अंचल कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर तैनात क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है।
निगरानी की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कई अधिकारी व कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर खिसकते नजर आए। गिरफ्तार क्लर्क राजकुमार मिश्रा मूल रूप से चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव का रहने वाला है और पिछले कई वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में ही पदस्थापित है।
अंचल क्षेत्र के एक आवेदक बालेश्वर कुमार अपनी जमीन की जमाबंदी अनलॉक कराने के लिए पिछले छह महीनों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।
क्लर्क राजकुमार मिश्रा इस काम के एवज में लगातार 15 हजार रुपये की घूस मांग रहा था। क्लर्क की प्रताड़ना और रिश्वत की मांग से परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने आखिरकार हार मानने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से कर दी। बालेश्वर कुमार की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। मामला सही पाए जाने के बाद ब्यूरो के डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।
योजना के मुताबिक मंगलवार को जैसे ही बालेश्वर कुमार रिश्वत की केमिकल युक्त रकम लेकर अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर पहुंचे और क्लर्क राजकुमार मिश्रा को पैसे थमाए, वैसे ही सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद जब आरोपी क्लर्क के हाथ धुलवाए गए, तो केमिकल के कारण उनका रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है। निगरानी की टीम गिरफ्तार क्लर्क राजकुमार मिश्रा को हिरासत में लेकर तुरंत अपने साथ पटना के लिए रवाना हो गई।













