'घर के नजदीक ट्रांसफर तो कर दूंगा, लेकिन पढ़ाने में कोई बहाना नहीं चलेगा', महिला शिक्षकों को बगल की पंचायत और पुरुषों को.. ? 

मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि घर के नजदीक ट्रांसफर तो कर दूंगा, लेकिन इसके बाद पढ़ाई को लेकर कोई बहाना या एक्सक्यूज नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से ट्रांसफर पॉलिसी का खाका स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। आप अपने गांव के नजदीक चले जाओ, हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। जितनी भी हमारी शिक्षिका बहनें हैं, उन्हें उनके घर के बगल वाली पंचायत में ही स्कूल अलॉट करने को कहा गया है। वहीं, जो हमारे शिक्षक भाई हैं, उन्हें उनके गृह प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में पोस्टिंग देने का काम किया जाएगा। 

 'घर के नजदीक ट्रांसफर तो कर दूंगा, लेकिन पढ़ाने में कोई बहाना नहीं चलेगा', महिला शिक्षकों को बगल की पंचायत और पुरुषों को.. ? 

DESWA DESK : शिक्षकों के स्थानांतरण नीति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा एलान किया है। कैमूर में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार शिक्षकों की सुविधा के लिए उन्हें उनके घर के नजदीक पोस्टिंग देने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके बदले शिक्षकों को भी पूरी ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाना होगा।

 मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि घर के नजदीक ट्रांसफर तो कर दूंगा, लेकिन इसके बाद पढ़ाई को लेकर कोई बहाना या एक्सक्यूज नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से ट्रांसफर पॉलिसी का खाका स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। आप अपने गांव के नजदीक चले जाओ, हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। जितनी भी हमारी शिक्षिका बहनें हैं, उन्हें उनके घर के बगल वाली पंचायत में ही स्कूल अलॉट करने को कहा गया है। वहीं, जो हमारे शिक्षक भाई हैं, उन्हें उनके गृह प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में पोस्टिंग देने का काम किया जाएगा। 

शिक्षकों को राहत देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने मंच से शिक्षकों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आपकी सुविधा का ख्याल रख रही है, लेकिन पढ़ाना तो आपको ही पड़ेगा। शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए अब कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। आप सिर्फ पढ़ाइए और बिहार के गरीब बच्चों को आगे बढ़ाने का काम कीजिए।

शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि बिहार के कोने-कोने तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के लिए सूबे में करीब 75 हजार नए स्कूल खोले जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार अब शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के मूड में है। 

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में मुख्यमंत्री के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ जहां गृह जिले या नजदीक के क्षेत्रों में ट्रांसफर की राह देख रहे लाखों शिक्षकों को इससे बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर पर पैनी नजर रखी जाएगी।

इससे पहले, सीएम ने कैमूर की पावन धरती पर माता मुण्डेश्वरी के प्राचीन एवं ऐतिहासिक धाम में दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर बिहार की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष से भी अधिक पुरानी आस्था, संस्कृति और भारतीय स्थापत्य कला की अद्भुत विरासत को संजोए यह धाम बिहार की गौरवशाली पहचान का प्रतीक है।