गैरनिबंधित प्रोजेक्ट में प्लॉट-फ्लैट खरीदने से बचें, रेरा निबंधन ना कराने वाले पटना के 29 बिल्डरों पर कसा शिकंजा

जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी अपार्टमेंट जो बिक्री के लिए बनाई जा रही हो और जिसमें फ्लैट की संख्या आठ से अधिक हो या कुल भूमि का क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से अधिक हो तो उसका रेरा निबंधन आवश्यक है। उसी प्रकार से अगर जमीन की प्लॉटिंग कर बेची जा रही हो और ऐसे प्रोजेक्ट की भूमि का क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर से अधिक है तो उसका भी रेरा निबंधन आवश्यक है। 

गैरनिबंधित प्रोजेक्ट में प्लॉट-फ्लैट खरीदने से बचें, रेरा निबंधन ना कराने वाले पटना के 29 बिल्डरों पर कसा शिकंजा

DESWA DESK : पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने रेरा अधिनियम की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि जमीन या राजस्व संबंधी मामले काफी संवेदनशील होते है। छोटी-सी भी गलती होने पर इसका प्रतिकूल प्रभाव कई दशक तक रहता है। 

इसलिए इसे रोकने की आवश्यकता है। सभी को इसके लिए सजग एवं तत्पर रहना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी अपार्टमेंट जो बिक्री के लिए बनाई जा रही हो और जिसमें फ्लैट की संख्या आठ से अधिक हो या कुल भूमि का क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से अधिक हो तो उसका रेरा निबंधन आवश्यक है। उसी प्रकार से अगर जमीन की प्लॉटिंग कर बेची जा रही हो और ऐसे प्रोजेक्ट की भूमि का क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर से अधिक है तो उसका भी रेरा निबंधन आवश्यक है। 

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन आज पटना समाहरणालय में भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण  (रेरा),  जिला प्रशासन एवं नगर निकायों के अधिकारियों की समन्वय बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

जिलाधिकारी ने कहा कि गैरनिबंधित प्रोजेक्ट में प्लॉट खरीदने से क्रेता का पैसा फंस सकते हैं। ऐसे प्लॉट्स के निबंधन एवं दाखिल-खारिज पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जनता दरबार में इस प्रकार के अनेक मामले आते हैं जिसमें क्रेताओं के साथ ट्रिक एवं फ्रॉड की गई रहती है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर वे अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों तथा अन्य वरीय पदाधिकारियों को जांच कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश देते है ताकि लोगों की समस्या का निदान हो। 

जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि प्लॉट-फ्लैट खरीदने से पहले प्रोजेक्ट की रेरा निबंधन संख्या एवं रेरा के अन्य प्रावधानों के अनुपालन की स्थिति जांच लें। उन्होंने प्लॉटेड प्रोजेक्ट की जमीन बिक्री करने वालों का रेरा निबंधन भी अनिवार्य रूप से देखने को कहा ताकि प्लॉट खरीदने वालों का पैसा न फंसे।

 जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे विक्रेता जिन्होंने बिक्री किये जाने वाले प्लॉटेड प्रोजेक्ट का रेरा निबंधन नहीं कराया है वे अधिनियम के अंतर्गत दंड के भागी हो सकते है तथा पकड़े जाने पर उन्हें आम जनता से धोखाधड़ी करने के आरोप में जुर्माना भरने के साथ-साथ जेल भी जाना पड़ सकता है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि पटना जिले के विभिन्न क्षेत्रों यथा दानापुर-शिवाला-कन्हौली रोड, मीठापुर एलिवेटेड बाईपास से पुनपुन वाया संपतचक तथा एम्स से नौबतपुर तक के प्रक्षेत्रों का रेरा एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सैटलाईट चित्र आधारित जांच अभियान के तहत संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संयुक्त जांच दल को परियोजनाओं का निरीक्षण प्रतिवेदन ससमय समर्पित करने का निर्देश दिया। उन्होेंने कहा कि निरीक्षण में पाए गए तथ्यों के आधार पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित कर फ्लैट-प्लॉट क्रेताओं सहित सभी स्टेकहोल्डर्स को जागरूक करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों को अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर रेरा अधिनियमों का प्रभावकारी एवं सकारात्मक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने लोगों से भी रेरा द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं प्रावधानों पर विशेष ध्यान देने एवं अनुपालन करने का आह्वान किया।

बैठक में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह,  सचिव अनिमेष पांडेय, पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा सहित रेरा बिहार के अधिकारी एवं पटना में पदस्थापित क्षेत्रीय पदाधिकरियों ने हिस्सा लिया। रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि रेरा अधिनियम के प्रावधानों को अक्षरशः लागू करने में जिला एवं म्युनिसिपल प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है एवं उनके सक्रिय सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। 

अधिनियम का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों की पहचान एवं सुसंगत कानूनी कार्रवाई से आम लोग ऐसे बिल्डरों के झांसे में आकर अपने मेहनत की कमाई को गलत जगह निवेश नहीं करेंगे। सारण में 18 बिल्डरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गयी है, वहीं भागलपुर एवं पूर्णिया में यह संख्या 9 एवं 5 है। दरभंगा में ऐसे 19 मामले पाए गए हैं एवं मुजफ्फरपुर में 11 बिल्डरों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गयी है। 

सैटेलाइट चित्र के माध्यम से पटना में अबतक ऐसे 29 बिल्डरों की पहचान की गयी है एवं शुक्रवार को पटना समाहरणालय में आयोजित बैठक के पश्चात रेरा बिहार एवं पटना जिला प्रशासन के संयुक्त दलों द्वारा स्थक निरिक्षण का कार्य शुरू किया गया ताकि जरूरी सूचनाएं एकत्रित करने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सके।