बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चे भी बनेंगे अफसर, पैसे की वजह से नहीं रुकेगी पढ़ाई, जानिए क्या है केंद्र की स्कॉलरशिप योजना
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से बीड़ी, चूना-पत्थर एवं डोलोमाइट तथा लोहे, मैंगनीज और क्रोम अयस्क खनन करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के लिए कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक 1000 रुपये से 25000 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
DESWA DESK : बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चे भी अब अफसर बनेंगे। पैसे की वजह से उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता का एलान किया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से बीड़ी, चूना-पत्थर एवं डोलोमाइट तथा लोहे, मैंगनीज और क्रोम अयस्क खनन करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के लिए कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक 1000 रुपये से 25000 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
इस योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है।
प्री-मैट्रिक यानी कक्षा एक से दस तक के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 एवं पोस्ट-मैट्रिक यानी कक्षा 11 एवं उससे ऊपर के लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है।
आवेदन ऑनलाइन माध्यम से https://scholarships.gov.in पोर्टल पर की जा सकती है। पात्रता एवं अन्य संबंधित जानकारी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर भी उपलब्ध है।
पात्र विद्यार्थी अपने विद्यालय, महाविद्यालय से संपर्क स्थापित कर अपने आवेदन को केवल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से ही भरना सुनिश्चित करें।













