पटना से उत्तर बिहार तक महंगा हुआ सफर, बस किराये में 100 रुपये तक वृद्धि
बिहार में महंगाई की मार अब आम यात्रियों की जेब पर और भारी पड़ने वाली है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच पटना समेत कई जिलों में ऑटो और बस किराया बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। राजधानी पटना में ऑटो चालकों..
बिहार में महंगाई की मार अब आम यात्रियों की जेब पर और भारी पड़ने वाली है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच पटना समेत कई जिलों में ऑटो और बस किराया बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। राजधानी पटना में ऑटो चालकों ने आधिकारिक घोषणा से पहले ही कई प्रमुख रूटों पर मनमाने तरीके से किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है, जबकि प्राइवेट बस ऑपरेटर्स भी जून से नए किराये लागू करने की तैयारी में हैं।
टाटा पार्क ऑटो स्टैंड में ऑटो यूनियनों की बड़ी बैठक
ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्क्स फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव राजकुमार झा ने बताया कि किराया बढ़ोतरी को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को टाटा पार्क ऑटो स्टैंड में ऑटो यूनियनों की बड़ी बैठक बुलाई गई है। बैठक में 20 से 25 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।
पांच रुपये तक की बढ़ोतरी
हालांकि बैठक से पहले ही पटना के गांधी मैदान-पटना जंक्शन, पटना जंक्शन-शेखपुरा मोड़, पटना जंक्शन-सगुना मोड़ और आशियाना-दीघा रूट पर ऑटो चालकों ने किराये में पांच रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
बसों का किराया 50 से 100 रुपये तक बढ़ा दिया गया
इधर, प्राइवेट बस ऑपरेटर्स भी किराया बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं। 31 मई को रामाचक बैरिया बस स्टैंड में बस मालिकों की अहम बैठक होगी, जिसमें नई दरों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उत्तर बिहार के कई रूटों पर मंगलवार से ही बस किराये में वृद्धि शुरू हो चुकी है। पटना से किशनगंज, अररिया, सुपौल, त्रिवेणीगंज, रानीगंज, पिपरा और जदिया जाने वाली बसों का किराया 50 से 100 रुपये तक बढ़ा दिया गया है।
1 जून से लागू किया जाएगा
बिहार स्टेट मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष चंदन कुमार के मुताबिक, बस किराये में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। नई दरों की घोषणा 31 मई की बैठक के बाद होगी और इसे 1 जून से लागू किया जाएगा।
वहीं जिला प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार बिना अनुमति किराया बढ़ाने को गलत बता रहे हैं और कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। इसके बावजूद ऑटो यूनियन और बस ऑपरेटर्स अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है।













