विधानसभा में गरमाया पंचायत टैक्स का मुद्दा; वेल में उतरा विपक्ष, श्याम रजक ने भी अपनी ही सरकार को घेरा

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी सदन में हंगामा देखने को मिली। पंचायतस्तर पर टैक्स वसूली और आकस्मिकता निधि के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। वहीं, प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के जेडीयू विधायक श्याम रजक ने डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

विधानसभा में गरमाया पंचायत टैक्स का मुद्दा; वेल में उतरा विपक्ष, श्याम रजक ने भी अपनी ही सरकार को घेरा

DESWA DESK : बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी सदन में हंगामा देखने को मिली। पंचायतस्तर पर टैक्स वसूली और आकस्मिकता निधि के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। वहीं, प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के जेडीयू विधायक श्याम रजक ने डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली और घोषणा की कि एक महीने के भीतर इन स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जबकि अगले पांच वर्षों में राज्य में एक लाख शिक्षकों की बहाली की जाएगी।

आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही माले और अन्य विपक्षी विधायकों ने पंचायतों में टैक्स वसूली का मुद्दा उठाया। माले विधायकों ने तर्क दिया कि ग्रामीण इलाकों में कर लगाने से गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। विपक्ष ने पंचायती कर और आकस्मिकता निधि पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की और कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया।
कार्यस्थगन प्रस्ताव अमान्य होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में आ गए। 

विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. प्रेम कुमार ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्थिति संभालते हुए कहा कि जब संबंधित विधेयक सदन में आएगा, तब उस पर पूरी चर्चा होगी। यदि विपक्ष को किसी कर प्रावधान पर आपत्ति है तो वे नियमसंगत संशोधन प्रस्ताव लाएं।

वहीं, प्रश्नकाल के दौरान जेडीयू विधायक श्याम रजक ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में 62 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में गरीब बच्चों की पढ़ाई कैसे संभव है।

जवाब में मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि खाली पदों को भरने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को टीआरई-4 के लिए अधियाचना भेज दी गई है। इस पर श्याम रजक ने कहा कि कब होगा और क्या होगा, इसकी एक तय समयसीमा बताइए। मंत्री ने कहा कि आपकी चिंता जायज है और बीपीएससी से प्रक्रिया पूरी होते ही नियुक्ति कर दी जाएगी।

मंत्री और विधायक की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी ने शिक्षा विभाग को तत्काल निर्देश दिए। सीएम ने सदन में दो बड़े ऐलान किए कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विद्यालयों में एक महीने के भीतर शिक्षक उपलब्ध करा दिए जाएंगे। साथ ही, अगले पांच वर्षों में राज्य में एक लाख नए शिक्षकों की बहाली की जाएगी।

विद्यालय भवनों की कमी के मुद्दे पर सीएम ने घोषणा की कि अगले छह माह में’ जिन सरकारी स्कूलों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें सरकार जमीन मुहैया कराएगी ताकि नए भवनों का निर्माण हो सके। सरकार के इन त्वरित आश्वासनों और कड़े तेवरों के बाद प्रश्नकाल की आगे की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकी।