सड़क दुर्घटना रोकने को बड़ी पहल : 11वीं और 12वीं के बच्चे पढ़ेंगे सड़क सुरक्षा का पाठ, 2027 से किताबों में होगा शामिल
बिहार में सड़क दुर्घटनाएं कम करने और जागरूकता फैलाने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को भी सड़क सुरक्षा का पाठ पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। विभाग ने इस संबंध में सामग्री तैयार कर ली है, और मुद्रण का कार्य तेजी से चल रहा है। वर्ष 2027 से यह नया पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा।
DESWA DESK : बिहार में सड़क दुर्घटनाएं कम करने और जागरूकता फैलाने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को भी सड़क सुरक्षा का पाठ पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। विभाग ने इस संबंध में सामग्री तैयार कर ली है, और मुद्रण का कार्य तेजी से चल रहा है। वर्ष 2027 से यह नया पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा।
विभाग पहले से ही कक्षा तीन से लेकर दसवीं तक के बच्चों को सड़क सुरक्षा शिक्षा प्रदान कर रहा है। इसमें पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन, ओवरस्पीडिंग, गलत लेन एवं नशे में वाहन न चलाने, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने, दुर्घटना में घायलों की त्वरित मदद करने और सड़क संकेतों का सख्ती से पालन करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल है। अब इन्हें उच्च कक्षाओं तक विस्तारित करने का फैसला लिया गया है।
साथ ही, विभाग की ओर से चालकों, कंडक्टरों और पुलिस कर्मियों को भी यातायात नियमों, सुरक्षित डाइविंग के तरीकों, आधुनिक वाहन तकनीकों एवं दुर्घटना के पश्चात आवश्यक कार्यवाही के विषय में संवेदनशील बनाने की दिशा में कार्य जारी है।
विभाग के सचिव राजकुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाएं केवल दुर्भाग्य नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी का परिणाम भी है। विभाग प्रयासरत है कि बच्चे स्कूल से ही सड़क सुरक्षा के नियमों, ट्रैफिक संकेतों और सुरक्षित ड्राइविंग की आदतों को सीखें। जब अगली पीढ़ी जागरूक होगी, तो राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या निश्चित रूप से कम होगी। यह पहल छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।













