बिहार में अवैध बालू-पत्थर ढुलाई पर कसेगा शिकंजा: 10 जून से ISTP पास अनिवार्य, डॉ. प्रमोद कुमार ने किया पोर्टल लॉन्च
बिहार में दूसरे राज्यों से बालू, गिट्टी और पत्थर लाकर अवैध कमाई करने वाले सिंडिकेट और माफियाओं पर सरकार ने पूरी तरह नकेल कस दी है। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने 'इंटर स्टेट ट्रांजिट पास' (ISTP) पोर्टल का औपचारिक अनावरण कर दिया है। विभाग के कड़े फैसले के तहत आगामी 10 जून से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले ऐसे सभी वाहनों के लिए डिजिटल ट्रांजिट पास लेना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
DESWA DESK : बिहार में दूसरे राज्यों से बालू, गिट्टी और पत्थर लाकर अवैध कमाई करने वाले सिंडिकेट और माफियाओं पर सरकार ने पूरी तरह नकेल कस दी है। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने 'इंटर स्टेट ट्रांजिट पास' (ISTP) पोर्टल का औपचारिक अनावरण कर दिया है। विभाग के कड़े फैसले के तहत आगामी 10 जून से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले ऐसे सभी वाहनों के लिए डिजिटल ट्रांजिट पास लेना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
अब बिना प्री-रजिस्ट्रेशन और डिजिटल पास के किसी भी खनिज लदे वाहन को राज्य की सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य खनिज परिवहन में पारदर्शिता लाना, एक ही चालान के बार-बार इस्तेमाल पर रोक लगाना और राज्य के राजस्व में बड़ी वृद्धि सुनिश्चित करना है। विभागीय गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई खनिज दूसरे राज्य (जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश या पश्चिम बंगाल) से बिहार लाया जा रहा है, तो संबंधित राज्य की खदान से वाहन का ट्रांसपोर्ट चालान कटने के ठीक 6 घंटे के भीतर ISTP पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा।
इस पास की वैधता भी उतनी ही अवधि तक रहेगी जितनी अवधि मूल ट्रांसपोर्ट चालान की होगी। विभागीय आदेश के अनुसार, डिजिटल ट्रांजिट पास के लिए शुल्क दरें निर्धारित कर दी गई हैं, जिसका भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। यदि चालान में खनिज की मात्रा वजन में दर्ज है, तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन देना होगा। यदि मात्रा घनमीटर में दर्ज है, तो 85 रुपये प्रति घनमीटरकी दर से शुल्क लगेगा। जिला खनन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी प्रमुख चेकपोस्ट और सीमावर्ती रास्तों पर सघन जांच अभियान चलाएं। परिवहन के दौरान वाहन चालक के पास संबंधित राज्य का वैध खनिज चालान और बिहार सरकार का ISTP पास-दोनों दस्तावेज होने अनिवार्य हैं।
जांच के दौरान यदि इन दोनों में से कोई भी एक दस्तावेज गायब मिला, तो इसे अवैध परिवहन माना जाएगा। ऐसे वाहनों के खिलाफ 'बिहार खनिज नियमावली के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और वाहन ज़ब्ती शामिल है। डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह फुलप्रूफ बनाने के लिए बिहार के सभी प्रमुख सीमावर्ती चेकपोस्ट पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और अधिकारियों तथा ट्रांसपोर्टरों के बीच किसी भी तरह की साठगांठ की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। हालांकि, इस नई शुल्क व्यवस्था से राज्य में निर्माण सामग्रियों (बालू-गिट्टी) की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।













