खान सर विवाद में जेडीयू की एंट्री : रौशन आनंद ने संजय झा को पूरे मामले से अवगत कराया, 20 मिनट की मुलाकात में क्या हुई बात ?
संजय झा से मुलाकात के बाद रौशन आनंद ने कहा कि मैंने जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी पूरी बात और सारे तथ्य रख दिए हैं। उन्होंने मेरी बातों को बेहद गंभीरता से सुना और साफ शब्दों में आश्वासन दिया है कि बिहार में कानून का राज है। यहां किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
DESWA DESK : खान सर और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के बीच छिड़ा विवाद अब सीधे सत्ता के गलियारे तक पहुंच गया है। अपने भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थिति में मौत और खुद पर हुए कथित हमलों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले रौशन आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सांसद संजय झा से मुलाकात की है।
रौशन आनंद अपने सहयोगियों के साथ संजय झा से मिलने पहुंचे थे। यह मुलाकात करीब 15 से 20 मिनट तक चली। इस दौरान रौशन आनंद ने कदमकुआं थाने में दिए गए अपने आवेदन की कॉपी और भाई की मौत से जुड़े कुछ दस्तावेज भी जेडीयू नेता के सामने रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि रंजिश के चलते उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का दबाव है।
संजय झा से मुलाकात के बाद रौशन आनंद ने कहा कि मैंने जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी पूरी बात और सारे तथ्य रख दिए हैं। उन्होंने मेरी बातों को बेहद गंभीरता से सुना और साफ शब्दों में आश्वासन दिया है कि बिहार में कानून का राज है। यहां किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि रौशन आनंद ने पुलिस को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक खान सर समेत अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अल्टीमेटम दे रखा है। इस अल्टीमेटम के बीच सत्ताधारी दल के इतने बड़े नेता से मुलाकात करने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रौशन आनंद ने सीधे सरकार के शीर्ष स्तर तक अपनी बात पहुंचाकर पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि इस मुलाकात के बाद शुक्रवार को पुलिस का क्या स्टैंड रहता है।













