सुपौल में बड़ा हादसा : कोसी नदी में 25 मजदूरों से भरी नाव डूबी, मची चीख-पुकार; तैरकर बचे लोग, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

कोसी नदी पार कर रही एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर डूब गई। इस नाव पर करीब 20 से 25 लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश महिला मजदूर और बच्चे शामिल थे। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। राहत की बात यह रही कि नाव पर सवार अधिकांश लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

सुपौल में बड़ा हादसा : कोसी नदी में 25 मजदूरों से भरी नाव डूबी, मची चीख-पुकार; तैरकर बचे लोग, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

DESWA DESK : सुपौल जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सरायगढ़ प्रखंड स्थित बनैनिया घाट पर मंगलवार को कोसी नदी पार कर रही एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर डूब गई। इस नाव पर करीब 20 से 25 लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश महिला मजदूर और बच्चे शामिल थे। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। राहत की बात यह रही कि नाव पर सवार अधिकांश लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना में तीन बच्चों की हालत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल नदी से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्षमता से अधिक लोड होने के कारण पलटी नाव
जानकारी के मुताबिक, रोजाना की तरह मंगलवार को भी बड़ी संख्या में महिला मजदूर खेतों में काम करने के लिए नाव के सहारे कोसी नदी पार कर रही थीं। उनके साथ कुछ बच्चे भी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। बीच नदी में जैसे ही नाव पहुंची, ओवरलोडिंग के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलट गई।

तीन बच्चों को सुरक्षित निकाल अस्पताल भेजा गया
नाव के पलटते ही घाट पर मौजूद लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत राहत व बचाव कार्य में जुट गए। नाव पर सवार अधिकांश लोग तैरना जानते थे, जिसके कारण वे खुद ही सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए। लेकिन इस बीच तीन बच्चे पानी में डूबने लगे, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। तीनों बच्चों को तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

घाट पर परिजनों की उमड़ी भीड़
हादसे की खबर जैसे ही इलाके में फैली, बनैनिया घाट पर सैकड़ों ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों के बीच कोहराम और बेचैनी का माहौल देखा गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सभी यात्रियों की सूची तैयार की। गनीमत यह रही कि स्थानीय प्रशासन या ग्रामीणों की ओर से अब तक किसी भी व्यक्ति के डूबने या लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जान जोखिम में डाल नदी पार करते लोग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बनैनिया घाट पर हर दिन सैकड़ों लोग रोजगार और खेतों में काम करने के लिए नाव के सहारे ही आवागमन करते हैं। लाइफ जैकेट की कमी और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना इस रूट पर आम बात हो गई है। आज का यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और ओवरलोडिंग के खिलाफ एक बड़ा चेतावनी है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।