मुजफ्फरपुर में खाकी पर एक्शन: बदसलूकी के आरोप में अपर थानाध्यक्ष सस्पेंड

जब वर्दी में बैठे अफसर ही अपनी वर्दी की मर्यादा को तोड़ने लगे तो सवाल सिर्फ एक शख्स पर नहीं, बल्की पूरे सिस्टम पर उठते हैं। मुजफ्फरपुर से आई ये खबर कुछ ऐसा ही आईना दिखाती है।मुजफ्फरपुर के बेनीबाद ओपी में तैनात अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि फरियाद लेकर आने वाले लोगों के साथ उनका व्यवहार लगातार अपमानजनक...

मुजफ्फरपुर में खाकी पर एक्शन: बदसलूकी के आरोप में अपर थानाध्यक्ष सस्पेंड

जब वर्दी में बैठे अफसर ही अपनी वर्दी की मर्यादा को तोड़ने लगे तो सवाल सिर्फ एक शख्स पर नहीं, बल्की पूरे सिस्टम पर उठते हैं। मुजफ्फरपुर से आई ये खबर कुछ ऐसा ही आईना दिखाती है।मुजफ्फरपुर के बेनीबाद ओपी में तैनात अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि फरियाद लेकर आने वाले लोगों के साथ उनका व्यवहार लगातार अपमानजनक और असंवेदनशील था। मदद की उम्मीद लेकर आने वाले लोग, खुद को बेइज्जत महसूस कर लौट रहे थे।शिकायतों का सिलसिला थमने की जगह और धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि इसकी गूंज SSP कांतेश कुमार मिश्रा तक पहुंच गई।मामले की जांच हुई, आरोपों को गंभीरता से परखा गया और जब सच्चाई सामने आई, तो कार्रवाई भी उतनी ही सख्त हुई। SSP ने बिना देर किए दीपक कुमार को सस्पेंड कर दिया।

 हर व्यक्ति सम्मान का हकदार
जहां एक तरफ पुलिस मुख्यालय बार-बार यह निर्देश देता है कि थाने में आने वाला हर व्यक्ति सम्मान का हकदार है।वहीं  मुजफ्फरपुर में एक पुलिस अधिकारी ने इन निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया और इसकी कीमत उसे सस्पेंशन के रूप में चुकानी पड़ी। बता दें कि मुजफ्फरपुर जिले के बेनीबाद ओपी में तैनात अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार पर गंभीर आरोप लगे थे कि वे फरियाद लेकर आने वाले लोगों से अभद्र व्यवहार करते थे। इतना ही नहीं, फोन पर जानकारी लेने वालों से भी उनका रवैया असंवेदनशील और अपमानजनक बताया गया। सूत्रों के मुताबिक, उनके व्यवहार से आम लोगों में नाराज़गी के साथ-साथ भय का माहौल भी बन गया था।

जांच और कार्रवाई
मामले की शिकायतें जब लगातार बढ़ने लगीं, तो SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने इसे गंभीरता से लिया। जांच की जिम्मेदारी DSP ईस्ट अलय वत्स को सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि लगाए गए आरोप सही हैं। रिपोर्ट मिलते ही SSP ने बिना देरी के सख्त कदम उठाते हुए दीपक कुमार को सस्पेंड कर दिया। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वर्दी का रौब दिखाकर आम लोगों के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिसकर्मियों को शिष्टाचार और संवेदनशीलता के साथ पेश आना होगा।