किशनगंज के SDPO की कितनी "पारो"? बुलेट..करोड़ों का बंगला और कैश! हर खुलासे के साथ बढ़ता जा रहा है रहस्य
बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं… इसका ताजा नमूना किशनगंज से सामने आया है। यहां एक SDPO की कहानी अब फिल्मी स्क्रिप्ट को भी मात देती नजर आ रही है। साहब पर रेड पड़ी तो करोड़ों की दौलत निकली… लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब उनकी “पारो” की हकीकत सामने आई! कहने को नौकरानी… लेकिन ठाठ ऐसे कि बड़े-बड़े अफसर भी शर्मा जाएं। दरअसल जिसे लोग एक आम घरेलू मदद समझते थे वो करोड़ों की मालकिन....
बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं… इसका ताजा नमूना किशनगंज से सामने आया है। यहां एक SDPO की कहानी अब फिल्मी स्क्रिप्ट को भी मात देती नजर आ रही है। साहब पर रेड पड़ी तो करोड़ों की दौलत निकली… लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब उनकी “पारो” की हकीकत सामने आई! कहने को नौकरानी… लेकिन ठाठ ऐसे कि बड़े-बड़े अफसर भी शर्मा जाएं। दरअसल जिसे लोग एक आम घरेलू मदद समझते थे वो करोड़ों की मालकिन निकली।
पावर, पैसा और ‘पारो’
बता दें कि किशनगंज का ये मामला अब सिर्फ भ्रष्टाचार की कहानी नहीं रहा बल्कि ये पावर, पैसा और ‘पारो’ के रहस्यमयी रिश्ते का सबसे बड़ा खुलासा बन चुका है। दरअसल किशनगंज के पूर्व SDPO गौतम कुमार केस में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मोड़ आया है, जहां “पारो” नाम की एक नौकरानी की जिंदगी ने पूरी जांच को हिला कर रख दिया है।
पारो, जो कथित तौर पर उनकी नौकरानी
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की रेड में पहले ही SDPO गौतम कुमार की 80 करोड़ से ज्यादा की बेनामी संपत्ति का खुलासा हो चुका था लेकिन अब इस केस में एक नया किरदार सामने आया है—पारो, जो कथित तौर पर उनकी नौकरानी थी… लेकिन उसकी लाइफस्टाइल किसी करोड़पति से कम नहीं निकली।
जांच में सामने आया है कि किशनगंज के धरमगंज स्थित किला बागान की रहने वाली पारो के पास न सिर्फ महंगे गहने और लाखों की नकदी थी, बल्कि उसके नाम पर पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में करीब 1 करोड़ का आलीशान मकान भी बनाया गया है।इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने तो जैसे आग में घी डाल दिया—कभी हाथ में डेढ़ लाख कैश, तो कभी महंगी बुलेट बाइक पर स्टाइल मारती नजर आई पारो।
पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार
इतनी हीं नहीं जांच में यह भी सामने आया है कि एक आम नौकरानी पारो को लाने-ले जाने के लिए करीब 35 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कार का इस्तेमाल किया जाता था। कई बार सरकारी या निजी वाहन विशेष रूप से उसके लिए भेजे जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके पास करीब 6 लाख रुपये का सोने का हार भी था। सबसे बड़ा ट्विस्ट इन खुलासों के बाद पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो चुकी है। अब सवाल ये है कि आखिर एक घर में काम करने वाली नौकरानी पारो के पास इतना पैसा आया कहां से?क्या पारो सिर्फ एक मोहरा थी… या इस काले साम्राज्य की सबसे अहम कड़ी?
SDPO का काला साम्राज्य
बता दें कि EOU की जांच में गौतम कुमार की संपत्ति की परतें खुलती जा रही हैं। गौतम कुमार पर 32 साल की नौकरी के दौरान करीब 80 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। पूर्णिया में उनका 2.5 करोड़ रुपये का आलीशान बंगला और 1 करोड़ रुपये से अधिक की फर्निशिंग सामने आई है। इसके अलावा छापेमारी में 60 लाख रुपये के गहने, महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुई हैं।उनकी पत्नी जो सरकारी शिक्षक हैं, महंगी थार गाड़ी से चलती हैं।बता दें कि इस मामले में अब मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की तैयारी है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच में शामिल होगा।













