पटना जीरो माइल पर दबंगई का नंगा नाच: ESI पर हमला, जब्त बालू ट्रक छुड़ाकर फरार हुए आरोपी,पुलिस की साख पर उठे सवाल

बिहार की राजधानी पटना के जीरो माइल इलाके से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) पर हमला कर आरोपियों ने न सिर्फ सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि जब्त किया गया बालू से लदा ट्रक भी सरेआम छुड़ाकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था ...

पटना जीरो माइल पर दबंगई का नंगा नाच: ESI पर हमला, जब्त बालू ट्रक छुड़ाकर फरार हुए आरोपी,पुलिस की साख पर उठे सवाल

बिहार की राजधानी पटना के जीरो माइल इलाके से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) पर हमला कर आरोपियों ने न सिर्फ सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि जब्त किया गया बालू से लदा ट्रक भी सरेआम छुड़ाकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मंगलवार को परिवहन विभाग की टीम जीरो माइल के पास ओवरलोडिंग के खिलाफ नियमित जांच अभियान चला रही थी। प्रवर्तन अवर निरीक्षक अंकित कुमार और दिव्य प्रकाश अपनी टीम और चालक के साथ ओवरलोडेड वाहनों की धरपकड़ कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसे कसेरा धर्मकांटा पर वजन के लिए ले जाया गया। जांच में ट्रक पर तय सीमा से करीब 9 टन अधिक बालू लदा पाया गया। बिहार में बालू खनन और परिवहन के कड़े नियमों के तहत, यह एक गंभीर उल्लंघन था और इस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ वाहन की जब्ती की प्रक्रिया अनिवार्य थी। बता दें कि नियमों के तहत जब टीम ट्रक जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही थी, तभी भोजपुर निवासी दो भाई—जीतू कुमार और अंजनी कुमार—अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।

वीडियो बनाकर बनाया दबाव, फिर किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले अधिकारियों का वीडियो बनाकर दबाव बनाने की कोशिश की। जब उन्हें रोका गया, तो वे गाली-गलौज और धक्का-मुक्की पर उतर आए। देखते ही देखते विवाद हिंसा में बदल गया।करीब पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर आरोपियों ने ESI और चालक पर हमला कर दिया। इस दौरान एक आरोपी ने चालक को नीचे खींचा और खुद ट्रक स्टार्ट कर मौके से फरार हो गया।इस घटना ने एक बार फिर भोजपुर और सोन तटीय इलाकों में सक्रिय बालू माफिया के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है। अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब खुलेआम सरकारी अधिकारियों से भिड़ने से भी नहीं हिचक रहे।

पुलिस कार्रवाई और जांच
ESI अंकित कुमार के बयान पर बाईपास थाना में जीतू कुमार, अंजनी कुमार और पांच अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, लोक सेवक पर हमला और जब्त संपत्ति छीनने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भोजपुर में छापेमारी कर रही है। साथ ही, जीरो माइल और धर्मकांटा के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अन्य आरोपियों की पहचान हो सके। बता दें कि  भोजपुर का सोन तटीय इलाका बालू के अवैध उत्खनन और परिवहन का गढ़ माना जाता है। यहां के ट्रांसपोर्टरों और बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अक्सर पुलिस और परिवहन विभाग की टीम से भिड़ जाते हैं।

ओवरलोडिंग: बड़ा खतरा
परिवहन विभाग के अनुसार, 9 टन अतिरिक्त लोड न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे ट्रक दुर्घटनाओं और जाम की बड़ी वजह बनते हैं। पटना की यह घटना साफ संकेत देती है कि कानून व्यवस्था के सामने दबंगई की चुनौती अभी भी बरकरार है। सरकारी अधिकारियों पर हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को खुली चुनौती है।बता दें कि अब यह मामला प्रशासन के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और ट्रक की बरामदगी ही इस घटना के बाद उठे सवालों का जवाब दे पाएगी।