बिहार परिवहन विभाग का बड़ा कमाल: लक्ष्य से आगे बढ़कर बनाया नया राजस्व रिकॉर्ड

बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक ही उपलब्धि चर्चा का केंद्र बनी हुई है—परिवहन विभाग का रिकॉर्ड तोड़ राजस्व संग्रह। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने न सिर्फ अपने तय लक्ष्य को हासिल किया, बल्कि उसे पार करते हुए नई मिसाल कायम कर दी।परिवहन विभाग ने 4070 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4191.55 करोड़ रुपये की वसूली कर 103 प्रतिशत राजस्व संग्रह का .....

बिहार परिवहन विभाग का बड़ा कमाल: लक्ष्य से आगे बढ़कर बनाया नया राजस्व रिकॉर्ड

बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक ही उपलब्धि चर्चा का केंद्र बनी हुई है—परिवहन विभाग का रिकॉर्ड तोड़ राजस्व संग्रह। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने न सिर्फ अपने तय लक्ष्य को हासिल किया, बल्कि उसे पार करते हुए नई मिसाल कायम कर दी।परिवहन विभाग ने 4070 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4191.55 करोड़ रुपये की वसूली कर 103 प्रतिशत राजस्व संग्रह का आंकड़ा छू लिया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मजबूत नीति और सख्त प्रशासनिक इच्छाशक्ति के साथ किसी भी लक्ष्य को पार किया जा सकता है।

प्रशासनिक सख्ती का असर
इस सफलता के पीछे सबसे अहम भूमिका रही परिवहन मंत्री श्रवण कुमार की। उनकी सक्रियता और स्पष्ट रणनीति ने पूरे सिस्टम में नई ऊर्जा भर दी। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व वसूली में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले करीब 4 0  अधिकारियों—जिनमें DTO, ADTO, MVI और ESI शामिल हैं उनको शो-कॉज नोटिस जारी कर सख्त संदेश दिया गया। इससे विभागीय कार्यशैली में अनुशासन और जवाबदेही दोनों बढ़ी।सिर्फ आदेश देने तक सीमित न रहकर मंत्री खुद चेक-पोस्टों पर पहुंचे। औचक निरीक्षण के दौरान खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी।

राजस्व बढ़ाने के प्रमुख कारण
ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर सघन चालान अभियान, ड्राइविंग लाइसेंस और फैंसी नंबर प्लेट सेवाओं में तेजी,लंबित वाहन रजिस्ट्रेशन मामलों का त्वरित निपटारा ,आम लोगों को सेवाओं में बेहतर सुविधा। इन कदमों से न सिर्फ सिस्टम मजबूत हुआ, बल्कि सेवाओं का लाभ लेने वालों की संख्या भी बढ़ी—जिसका सीधा असर राजस्व पर पड़ा।अब विभाग की नजर जिलेवार प्रदर्शन रिपोर्ट पर है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाएगा।यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि सख्त प्रशासन, पारदर्शी सिस्टम और स्मार्ट गवर्नेंस का एक मजबूत उदाहरण है—जो आने वाले समय में अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।