मोतिहारी में जहरीली शराब कांड: 4 की मौत, कई की आंखों की रोशनी गई, सिस्टम फेल या मिलीभगत?

बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मोतिहारी के बालगंगा गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों ने इस दावे की पोल खोल दी है कि राज्य में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बिहार में शराबबंदी है, तो फिर ये जहरीला जाम लोगों को मिल कैसे रहा रहा है? एक ओर सरकार बार-बार शराबबंदी को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती है, लेकिन दूसरी ओर  हकीकत यह है कि चाहें वो गांव हो या शहर हर जगह अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। दरअसल बिहार के मोतिहारी जिले...

मोतिहारी में जहरीली शराब कांड: 4 की मौत, कई की आंखों की रोशनी गई, सिस्टम फेल या मिलीभगत?

मोतिहारी में जहरीली शराब कांड: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मोतिहारी के बालगंगा गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों ने इस दावे की पोल खोल दी है कि राज्य में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बिहार में शराबबंदी है, तो फिर ये जहरीला जाम लोगों को मिल कैसे रहा रहा है? एक ओर सरकार बार-बार शराबबंदी को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती है, लेकिन दूसरी ओर  हकीकत यह है कि चाहें वो गांव हो या शहर हर जगह अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। दरअसल बिहार के मोतिहारी जिले से एक बार फिर जहरीली शराब का खौफनाक मामला सामने आया है।

 अब तक 4 लोगों की दर्दनाक मौत 
बता दें कि रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में कथित जहरीली शराब पीने से अब तक 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात के अनुसार, 6 लोग अभी भी इलाजरत हैं, जबकि 7 लोगों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी तक चली गई है, जो इस कांड की भयावहता को दर्शाता है।

हत्या का केस दर्ज
वहीं मृतक प्रमोद यादव के परिजनों के आवेदन पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। इससे यह मामला अब महज हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।एसपी ने कड़ा कदम उठाते हुए परसौना पंचायत के चौकीदार भरत राय को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे नागा राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में साइबर डीएसपी और DIU (जिला इंटेलिजेंस यूनिट) को भी शामिल किया गया है, जो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं।सूत्रों के मुताबिक, इस जहरीली शराब को 20 से अधिक लोगों ने पिया था। आशंका है कि कई लोग अभी भी चोरी-छुपे इलाज करवा रहे हैं, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।

पहले भी हो चुका है बड़ा कांड
गौरतलब है कि करीब ढाई साल पहले इसी इलाके के तुरकौलिया, हरसिद्धि, पहाड़पुर, सुगौली और रघुनाथपुर थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब कांड में 42 लोगों की जान गई थी।फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। बता दें कि जहरीली शराब से मौतें होती हैं, लोग अंधे होते हैं, तब जाकर प्रशासन हरकत में आता है और फिर शुरू होती छापेमारी, गिरफ्तारी, SIT जांच लेकिन सवाल वही जब यह कारोबार पहले से चल रहा था, तब प्रशासन कहां था?