रिशुश्री से जुड़े टेंडर घोटाले पर SVU की बड़ी कार्रवाई: पूर्व चीफ इंजीनियर और पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी समेत तीन गिरफ्तार
बिहार में भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाले के खिलाफ सम्राट चौधरी सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने बड़ी निर्णायक कार्रवाई की है। रिशुश्री से जुड़े बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में एसवीयू ने बुधवार को प्रशासनिक महकमे के तीन रसूखदार चेहरों को गिरफ्तार कर लिया।
DESWA DESK : बिहार में भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाले के खिलाफ सम्राट चौधरी सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने बड़ी निर्णायक कार्रवाई की है। रिशुश्री से जुड़े बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में एसवीयू ने बुधवार को प्रशासनिक महकमे के तीन रसूखदार चेहरों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारिणी दास, वित्त विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) मुमुक्षु चौधरी और नगर विकास विभाग के तहत बुडको (BUIDCO) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उमेश कुमार सिंह शामिल हैं। इन तीनों ही आरोपियों के पास से भ्रष्टाचार के जरिए जुटाई गई कुल 11.53 करोड़ रुपए की काली कमाई का खुलासा हुआ है।
बुधवार को इस बड़ी सफलता की पुष्टि करते हुए एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दराद ने बताया कि रिशुश्री टेंडर घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, भ्रष्टाचार का सिंडिकेट सामने आ रहा है। इस मामले में अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले इस खेल की मुख्य कड़ी रिशु श्री को दबोचा गया था, जिसके बाद उसके सहयोगी संतोष की गिरफ्तारी हुई थी। इन दोनों से मिली लीड और पुख्ता सबूतों के आधार पर ही इन बड़े अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया है।
स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के एडीजी पंकज कुमार दराद के कहा कि टेंडर घोटाले की जांच बेहद गहराई से चल रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान जिन-जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलेंगे, उन सभी पर कानूनी शिकंजा कसेगा और भ्रष्टाचार के इस खेल में शामिल हर शख्स को जेल जाना होगा।
एसवीयू के सूत्रों के मुताबिक, टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर हेरफेर कर सरकार के राजस्व को चूना लगाया जा रहा था। पूर्व चीफ इंजीनियर, पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की यह तिकड़ी नियमों को ताक पर रखकर रिशुश्री और उसके सिंडिकेट को अवैध तरीके से फायदा पहुंचा रही थी, जिसके बदले करोड़ों की 'कट मनी' ली गई।
एडीजी ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई महज शुरुआत है। एसवीयू इस समय जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है। सचिवालय से लेकर तकनीकी विभागों तक फैले इस सिंडिकेट में कई और सफेदपोशों और बड़े अधिकारियों के नाम सामने आने की उम्मीद है, जिन पर जल्द ही बड़ी गाज गिर सकती है।













