गवाही से पहले मौत की साजिश : मुखिया की हत्या के गवाह को मारने के लिए 5 लाख की दी गई थी सुपारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर राजमार्ग 27 स्थित चंदन सिंह ढाबा के समीप छापेमारी की। वहां किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से एकत्र हुए दो संदिग्ध अपराधियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जेल में बंद राणा सिंह ने बंदी सूरज तिवारी के माध्यम से पकड़ीदयाल कांड के गवाह माधोलाल सहनी की हत्या के लिए पांच लाख की सुपारी दी थी।
DESWA DESK : न्याय की राह रोकने के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश को मोतिहारी पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। जेल में बंद पकड़ीदयाल कांड के हत्या मामले के दोषी अभियुक्त राणा सिंह ने एक अहम गवाह को रास्ते से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। शूटर इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पानी फेर दिया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर राजमार्ग 27 स्थित चंदन सिंह ढाबा के समीप छापेमारी की। वहां किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से एकत्र हुए दो संदिग्ध अपराधियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जेल में बंद राणा सिंह ने बंदी सूरज तिवारी के माध्यम से पकड़ीदयाल कांड के गवाह माधोलाल सहनी की हत्या के लिए पांच लाख की सुपारी दी थी।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान डुमरियाघाट थाने के सरेया बदुराहा निवासी नीरज तिवारी और संग्रामपुर थाने के भवानीपुर निवासी कुंदन ठाकुर उर्फ अवनीश ठाकुर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त नीरज तिवारी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर गवाह की हत्या की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट













