RJD में बगावत: MLC का टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोए पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

आरजेडी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पार्टी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम ने खुद को उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज होकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।  अपनी उपेक्षा से आहत शिवचंद्र राम मीडिया के सामने ही फूट-फूटकर रो पड़े।

RJD में बगावत: MLC का टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोए पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

DESWA DESK : बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए सुनील कुमार सिंह के नामांकन के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी फूट पड़ा है। एक ओर जहां लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से बिना नाम लिए तेजस्वी पर बड़ा हमला बोला तो अब वहीं आरजेडी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पार्टी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम ने खुद को उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज होकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।  अपनी उपेक्षा से आहत शिवचंद्र राम मीडिया के सामने ही फूट-फूटकर रो पड़े।

सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से भड़का गुस्सा
गौरतलब है कि आरजेडी ने अपने कोटे की एकमात्र सीट के लिए सुनील कुमार सिंह को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। संख्या बल के हिसाब से सुनील कुमार सिंह की जीत तय मानी जा रही है। लेकिन इस फैसले ने पार्टी के भीतर बरसों से वफादार रहे दलित चेहरे शिवचंद्र राम को गहरे सदमे में डाल दिया। शिवचंद्र राम को पूरी उम्मीद थी कि इस बार पार्टी उनके कद्दावर नेतृत्व और वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें सदन भेजेगी।

'पार्टी ने वफादारी का यह सिला दिया',रो पड़े पूर्व मंत्री
इस्तीफे की घोषणा करते हुए शिवचंद्र राम अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। भरे गले और रोते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवनभर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी की ईमानदारी से सेवा की है। मैंने हर मुश्किल वक्त में पार्टी का झंडा बुलंद रखा, लेकिन जब सम्मान देने की बारी आई तो एक समर्पित दलित नेता की अनदेखी कर दी गई। आरजेडी में वफादारी की कोई कीमत नहीं बची है।

आरजेडी के दलित समीकरण को लग सकता है झटका
राजनीतिक गलियारों में शिवचंद्र राम के इस कदम को तेजस्वी यादव के 'A to Z' (सभी वर्गों को साथ लेकर चलने) के नारे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। शिवचंद्र राम न सिर्फ पूर्व मंत्री रहे हैं, बल्कि आरजेडी के भीतर अनुसूचित जाति और जनजाति (SC-ST) समाज का एक बड़ा और जाना-माना चेहरा हैं। उनके इस तरह रोते हुए इस्तीफा देने से चुनाव के मुहाने पर खड़े बिहार में आरजेडी के दलित वोट बैंक पर सीधा असर पड़ सकता है।

बैकफुट पर आई पार्टी, डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू
सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे और शिवचंद्र राम के भावुक वीडियो के वायरल होने के बाद आरजेडी नेतृत्व तुरंत डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता शिवचंद्र राम को मनाने और उनका इस्तीफा वापस कराने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि विपक्ष को दलित विरोधी होने का मुद्दा न मिल सके। हालांकि, शिवचंद्र राम के कड़े रुख को देखकर लगता है कि इस बार आरजेडी के लिए इस डैमेज को संभालना आसान नहीं होगा।