बिहार में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना हुआ आसान,महिलाओं को कार पर ₹1 लाख और स्कूटी पर ₹12 हजार सब्सिडी
बिहार सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 जून 2026 से “बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026” लागू होने जा रही है। नई नीति का मकसद...
बिहार सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 जून 2026 से “बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026” लागू होने जा रही है। नई नीति का मकसद प्रदूषण कम करना, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाना और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ आकर्षित करना है।
इस बार सरकार ने महिलाओं को खास प्राथमिकता दी है। नई नीति के तहत अगर कोई महिला इलेक्ट्रिक कार खरीदती है तो उसे 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटी और स्कूटर खरीदने पर 12 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं आर्थिक रूप से ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
पुरुषों को किसी तरह का अनुदान नहीं
पुरुषों के लिए भी ईवी खरीद पर राहत का प्रावधान रखा गया है, लेकिन लाभ सीमित होगा। सामान्य वर्ग के पुरुष अगर इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते हैं तो उन्हें 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। हालांकि इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर पुरुषों को किसी तरह का अनुदान नहीं मिलेगा।
नई ईवी नीति में इलेक्ट्रिक मालवाहक थ्री-व्हीलर को भी शामिल किया गया है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 50 हजार रुपये तक और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की महिलाओं को 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।
सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50 प्रतिशत तक टैक्स छूट
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को और सस्ता बनाने के लिए मोटर वाहन टै्स में भी बड़ी राहत दी है। बिहार में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50 प्रतिशत तक टैक्स छूट मिलेगी, जिससे खरीद लागत कम हो जाएगी।
सब्सिडी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की ओर से ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जहां 1 जून से आवेदन शुरू होंगे। लोग घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आवेदक का बिहार निवासी होना जरूरी
बता दें कि सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आवेदक का बिहार निवासी होना जरूरी होगा। वाहन भी बिहार से ही खरीदा जाना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान बैंक पासबुक, वाहन आरसी, मोबाइल नंबर और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। आरक्षित वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र भी देना होगा।
सरकार को उम्मीद है कि नई नीति लागू होने के बाद बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज होगी। साथ ही प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।













