मोकामा में फिर गरजी गोलियां! अनंत सिंह समर्थक मुकेश कुमार पर फायरिंग

बिहार के मोकामा अनुमंडल के नौरंगा जलालपुर गांव में एक बार फिर बाहुबली राजनीति और गैंगवार की चर्चा तेज हो गई है। शनिवार को कथित तौर...

मोकामा में फिर गरजी गोलियां! अनंत सिंह समर्थक मुकेश कुमार पर फायरिंग

बिहार के मोकामा अनुमंडल के नौरंगा जलालपुर गांव में एक बार फिर बाहुबली राजनीति और गैंगवार की चर्चा तेज हो गई है। शनिवार को कथित तौर पर सोनू–मोनू गैंग ने अनंत सिंह के समर्थक और सरपंच पति मुकेश कुमार पर फायरिंग कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और गांव में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

विवाद की शुरुआत एक फेसबुक पोस्ट से हुई

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक फेसबुक पोस्ट से हुई। 22 मई को मुकेश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर पंचायत और थाना पुलिस की तारीफ की थी। इसी पोस्ट को लेकर सोनू–मोनू के परिवार ने नाराजगी जताई। आरोप है कि सोनू–मोनू के पिता प्रमोद सिंह ने मुकेश कुमार से पोस्ट हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

विवाद लगातार बढ़ता गया

मुकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया। आरोप है कि बहस के दौरान प्रमोद सिंह ने अपने बेटों सोनू और मोनू को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों भाई अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी।

दो राउंड गोलियां चलाई गईं

मुकेश कुमार ने दावा किया कि उन पर दो राउंड गोलियां चलाई गईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गए। घटना उस समय हुई जब वह पंचायत के काम से गांव में जा रहे थे। फायरिंग की आवाज सुनते ही इलाके में दहशत फैल गई ।

पुलिस मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जब सोनू–मोनू के घर पहुंची तो वहां काफी हंगामा देखने को मिला। बताया जा रहा है कि घर के बाहर मौजूद महिलाओं ने पुलिस को अंदर जाने से रोक दिया। करीब आधे घंटे तक पुलिस और परिवार के बीच बहस होती रही। इसी दौरान सोनू और मोनू कथित तौर पर पीछे के रास्ते से फरार हो गए।

संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान शुरू

घटना के बाद हाथीदह, मरांची और पंचमहला थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

नौरंगा गोलीकांड में दोनों पक्ष आमने-सामने आ चुके हैं

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब सोनू–मोनू और अनंत सिंह समर्थकों के बीच टकराव हुआ हो। इससे पहले 22 जनवरी 2025 को नौरंगा गोलीकांड में दोनों पक्ष आमने-सामने आ चुके हैं। उस दौरान करीब 100 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई थी। उस मामले में कई लोगों को जेल भी जाना पड़ा था।

  दोषी को बख्शा नहीं जाएगा

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।