पटना अटल पथ पर चलती एंबुलेंस में लगी आग, 25 मीटर तक जलती रही गाड़ी,मरीज को खींचकर बाहर निकाला

पटना के अटल पथ पर शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस में अचानक भीषण आग लग गई। चलती एंबुलेंस से धुआं उठता देख ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी रोक दी। देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जुट गए और रेस्क्यू शुरू हो गया।एंबुलेंस में सवार बुजुर्ग मरीज को सबसे पहले स्ट्रैचर समेत बाहर निकाला गया। इसके बाद मरीज के साथ मौजूद चार अटेंडर्स को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया ....

पटना अटल पथ पर चलती एंबुलेंस में लगी आग, 25 मीटर तक जलती रही गाड़ी,मरीज को खींचकर बाहर निकाला

पटना के अटल पथ पर शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस में अचानक भीषण आग लग गई। चलती एंबुलेंस से धुआं उठता देख ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी रोक दी। देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जुट गए और रेस्क्यू शुरू हो गया।एंबुलेंस में सवार बुजुर्ग मरीज को सबसे पहले स्ट्रैचर समेत बाहर निकाला गया। इसके बाद मरीज के साथ मौजूद चार अटेंडर्स को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। थोड़ी ही देर में लोग बाल्टी, गैलन और पानी की बोतलें लेकर दौड़े और आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी।

मरीज को ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी से PMCH शिफ्ट किया गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मरीज को ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी से PMCH शिफ्ट किया गया। हादसे के कारण अटल पथ पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया।एंबुलेंस में आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। हादसे में एंबुलेंस की सीटें जलकर खाक हो गईं, जबकि पिछले हिस्से के इंटीरियर को भारी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त एंबुलेंस की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी और आग लगने के बाद भी गाड़ी करीब 25 मीटर तक जलती हुई चली। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों को बुलाया गया। करीब 27 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

पीछे का गेट खोलकर सभी को बाहर निकाला
एंबुलेंस में सवार अमरजीत कुमार ने बताया कि उनके दादा राजदेव राम लंबे समय से पेट की बीमारी से पीड़ित हैं। पहले उन्हें कंकड़बाग स्थित श्री साईं हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर IGIMS ले जाया गया और वहां से PMCH शिफ्ट करते वक्त यह हादसा हो गया।उन्होंने बताया, “ड्राइवर और मैं आगे बैठे थे। पीछे दो महिलाएं और मेरा साला था। आग लगते ही हम कूदकर नीचे उतरे और पीछे का गेट खोलकर सभी को बाहर निकाला।”

 सिपाहियों को मौके पर भेजा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फ्लाईओवर के नीचे मौजूद लोग बाल्टी में पानी भरकर ऊपर फेंकने लगे। इसी दौरान ट्रैफिक थानेदार वहां से गुजर रहे थे, जिन्होंने तुरंत सिपाहियों को मौके पर भेजा। जिस गाड़ी से ट्रैफिक पुलिस पहुंची, उसी से मरीज और उसके परिजनों को अस्पताल भेजा गया।स्थानीय दुकानदार ने बताया कि अगर ड्राइवर समय पर गाड़ी नहीं रोकता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों की सूझबूझ और तत्परता से सभी की जान बच गई।