राजद और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच जीतनराम मांझी का तीखा बयान,बोले-....कांग्रेस खुद भी घृणा का पात्र बन गई थी
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का तीखा बयान सामने आया है। मांझी ने कांग्रेस के फैसले का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस पार्टी से गठबंधन किया था, उससे बिहार में “कुछ लोगों को छोड़कर लगभग सभी नफरत करते हैं।”जीतनराम मांझी ने कहा, कांग्रेस ने राजद जैसी पार्टी के साथ गठबंधन किया, इसलिए कांग्रेस खुद भी घृणा....
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का तीखा बयान सामने आया है। मांझी ने कांग्रेस के फैसले का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस पार्टी से गठबंधन किया था, उससे बिहार में “कुछ लोगों को छोड़कर लगभग सभी नफरत करते हैं।”जीतनराम मांझी ने कहा, कांग्रेस ने राजद जैसी पार्टी के साथ गठबंधन किया, इसलिए कांग्रेस खुद भी घृणा का पात्र बन गई थी। अगर कांग्रेस अब इस गठबंधन से बाहर आने का फैसला कर रही है, तो यह बिल्कुल सही निर्णय है।
बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते
उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “अगर अब कांग्रेस और राहुल गांधी को राजद से गठबंधन तोड़ने का विचार आ रहा है, तो मैं यही कहूंगा—बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते लेकिन देर से ही सही, फैसला दुरुस्त लिया गया है।”गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने राजद-कांग्रेस गठबंधन को असहज और राजनीतिक रूप से नुकसानदेह बताया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल अधिकांश विधायक राजद के साथ गठबंधन जारी रखने के पक्ष में नहीं दिखे। हालांकि, पार्टी के एक-दो वरिष्ठ नेता अब भी गठबंधन बनाए रखने के समर्थक हैं।
राजद से संबंध तोड़ने की मांग
बता दें कि कांग्रेस विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद लंबे समय से राजद से संबंध तोड़ने की मांग करते रहे हैं। इससे पहले भी कांग्रेस और राजद, बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।इस बीच बिहार कांग्रेस में टूट की अटकलों पर विराम लग गया है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक सर्च कमेटी गठित की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर जून के बाद अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
विधायकों की टूट की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया
बैठक में मौजूद ज्यादातर विधायक और नेताओं ने गठबंधन से बाहर निकलने की वकालत की, हालांकि इस पर कोई औपचारिक निर्णय नहीं हो सका। इस दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के सभी छह विधायकों से पहली बार व्यक्तिगत मुलाकात की और विधायकों की टूट की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया।साथ ही संगठन और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए एक समन्वय समिति के गठन पर भी सहमति बनी।













