पटना NEET छात्रा मौत केस में बड़ा एक्शन! 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, फॉरेंसिक रिपोर्ट से हड़कंप
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस तंत्र की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मामले को समय रहते गंभीरता से न लेने और साक्ष्यों को सुरक्षित न करने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई पटना एसएसपी कार्यालय के निर्देश पर की गई है।एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के....
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस तंत्र की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मामले को समय रहते गंभीरता से न लेने और साक्ष्यों को सुरक्षित न करने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई पटना एसएसपी कार्यालय के निर्देश पर की गई है।एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के दारोगा हेमंत झा को घटना की सूचना मिलने के बावजूद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू न करने का दोषी पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों अधिकारियों ने मामले को नजरअंदाज किया, जिससे जांच प्रभावित हुई।
इन्वेस्टिगेशन में काफी परेशानी हुई
आरोप है कि घटना के पहले दिन से ही चित्रगुप्त नगर SHO को पूरी जानकारी थी, लेकिन वो इसे इग्नोर करती रही। यहां तक कि 3 दिन के बाद कार्रवाई शुरू की और वरीय अधिकारियों को भी मिस लीड किया। जिससे इन्वेस्टिगेशन में काफी परेशानी हुई।जानकारी के लिए बता दें कि 6 जनवरी को NEET की तैयारी कर रही छात्रा शंभू हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। हॉस्टल के कर्मचारी उसे हॉस्पिटल ले जाते हैं। एक हॉस्पिटल, दो हॉस्पिटल और फिर तीसरे हॉस्पिटल में मौत। छह जनवरी से नौ जनवरी तक चले इस घटनाक्रम में पुलिस सीन से गायब है।
घटनास्थल तीन दिन तक खुला रहा, साक्ष्य हुए प्रभावित
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद लगातार तीन दिनों तक न हॉस्टल को सील किया गया, न ही छात्रा का कमरा, बिस्तर और कपड़े सुरक्षित किए गए। इस दौरान घटनास्थल खुला रहा, जिससे अहम फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने या छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई। बाद में जब कार्रवाई शुरू हुई, तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। साथ ही वरीय अधिकारियों को भी अधूरी और भ्रामक जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।
फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा
शनिवार को मामले में दो अहम तथ्य सामने आए।पहला, फॉरेंसिक टीम ने एसआईटी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म पाए जाने की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट के आधार पर अब गिरफ्तार आरोपियों के साथ-साथ एसआईटी द्वारा चिह्नित अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल से मिलान कराया जाएगा। दूसरा खुलासा पटना एम्स के फॉरेंसिक साइंसेज विभाग के प्रमुख डॉ. विनय कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि छात्रा की मौत की जांच के लिए एक विशेष मेडिकल टीम पहले ही गठित की जा चुकी थी, लेकिन एसआईटी की ओर से पूरे और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे जांच की रफ्तार धीमी हो गई।फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस कब तक सभी दोषियों तक पहुंचती है और छात्रा को न्याय मिल पाता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।













