फाइव डे बैंकिंग की मांग पर बैंककर्मी सड़क पर, R ब्लॉक में जोरदार प्रदर्शन

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार, 27 जनवरी को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर बैंककर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया, जिससे सरकारी बैंकों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।हड़ताल के दौरान कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं आर ब्लॉक.....

फाइव डे बैंकिंग की मांग पर बैंककर्मी सड़क पर, R ब्लॉक में जोरदार प्रदर्शन

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार, 27 जनवरी को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर बैंककर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया, जिससे सरकारी बैंकों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।हड़ताल के दौरान कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं आर ब्लॉक कैंपस परिसर में बड़ी संख्या में बैंककर्मी एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

UFBU में कौन-कौन शामिल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) में सभी सरकारी बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों की यूनियनें शामिल हैं। यूनियन के अनुसार, सरकार की उदासीनता के चलते कर्मचारियों को मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।हड़ताल का सबसे ज्यादा असर SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंकों में देखने को मिला। नगद जमा और निकासी पूरी तरह ठप, चेक क्लियरेंस और शाखा से जुड़े काम रुके  ,कई इलाकों में एटीएम भी खाली या बंद है।दरअसल लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने के कारण नकदी की भारी किल्लत देखी गई, जिससे आम ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

डिजिटल सेवाएं रहीं चालू
हालांकि राहत की बात यह रही कि नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और कुछ एटीएम सेवाएं चालू रहीं, जिससे डिजिटल लेन-देन पर असर नहीं पड़ा। यह हड़ताल मुख्य रूप से सरकारी बैंकों तक सीमित रही। HDFC, ICICI और Axis Bank जैसे बड़े निजी बैंकों की शाखाएं खुली हैं और वहां सामान्य कामकाज जारी है। बता दें कि बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि पांच दिवसीय बैंकिंग (सोमवार से शुक्रवार) तुरंत लागू की जाए। मार्च 2024 में हुए समझौते के अनुसार सभी शनिवार अवकाश घोषित किया जाए।

 कई बैंकों के एटीएम भी ठप 
यूनियन नेताओं का कहना है कि 23 जनवरी को सरकार के साथ हुई बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई।UFBU नेताओं ने स्पष्ट किया है कि बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक अधिक समय और पूरी क्षमता के साथ काम करने को तैयार हैं, लेकिन शनिवार की छुट्टी अब टाली नहीं जा सकती। बता दें कि UFBU में सरकारी बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों की यूनियनें शामिल हैं। इस हड़ताल के कारण कई शहरों और इलाकों में बैंक शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रह सकती हैं।हड़ताल के चलते कई बैंकों के एटीएम भी ठप हो गए हैं, जिससे ग्राहकों को नगदी निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।