डर से विकास तक: निशांत ने गिनाईं नीतीश राज की उपलब्धियां, 3 मई से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार ने पार्टी जॉइन करने के बाद पहली बार कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिहार की राजनीति और विकास को...

डर से विकास तक: निशांत ने गिनाईं नीतीश राज की उपलब्धियां, 3 मई से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार ने पार्टी जॉइन करने के बाद पहली बार कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिहार की राजनीति और विकास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले राज्य में भय और अव्यवस्था का माहौल था, लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने नई दिशा पकड़ी।निशांत कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार बनने से पहले बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। लोग शाम के बाद घरों से निकलने में डरते थे, अपराधियों का मनोबल ऊंचा था और आम लोग गवाही देने से कतराते थे।

‎लालू-राबड़ी शासनकाल पर निशाना

‎वहीं उन्होंने लालू-राबड़ी शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय सांप्रदायिक दंगे, सामाजिक तनाव और डर का माहौल आम बात थी। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल थी, जबकि सड़क और बिजली की स्थिति बेहद खराब थी।निशांत ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने स्पीडी ट्रायल के जरिए 70 से 75 हजार अपराधियों को सजा दिलाकर कानून का राज स्थापित किया। इससे अपराधियों में भय पैदा हुआ और जनता का भरोसा लौटा।

‎थानों की संख्या 817 से बढ़ाकर 1380 कर दी गई

‎उन्होंने बताया कि पहले बिहार पुलिस बल की संख्या 42 हजार थी, जिसे बढ़ाकर 1.35 लाख किया गया। वहीं थानों की संख्या 817 से बढ़ाकर 1380 कर दी गई।निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े सुधार किए। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और साइकिल योजना जैसी पहल से छात्रों, खासकर लड़कियों को फायदा मिला।

‎आईजीआईएमएस को 3000 बेड तक विस्तारित किया जा रहा

‎वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि पीएमसीएच को 5400 बेड वाला अस्पताल बनाया गया है, जबकि आईजीआईएमएस को 3000 बेड तक विस्तारित किया जा रहा है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 38 हो गई है।महिला सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया है, जबकि पुलिस में 35% आरक्षण से उनकी भागीदारी बढ़ी है।

‎94 लाख गरीब परिवारों की पहचान की गई

‎इतना ही नहीं निशांत ने जातीय जनगणना का जिक्र करते हुए कहा कि 2023 की रिपोर्ट के आधार पर 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना उनका व्यक्तिगत निर्णय था और पार्टी उनके मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को “बड़े भाई” बताते हुए पूरा समर्थन देने की बात कही। साथ ही कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे नीतीश कुमार के कार्यों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि जनता को भरोसा बना रहे।

‎3 मई से बिहार यात्रा पर

‎बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। उनकी यह यात्रा पश्चिमी चंपारण से शुरू होगी। इस दौरान निशांत राज्य के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं को जानना, उनकी शिकायतें सुनना और जमीनी स्तर पर जनभावनाओं को समझना बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए निशांत बिहार की राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका की शुरुआत कर सकते हैं। उनकी इस यात्रा को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।