पटना हाईकोर्ट पहुंचे खान सर: फायरिंग मामले में FIR रद्द करने की गुहार, कोर्ट ने मांगी केस डायरी
कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और उसके बाद दर्ज हुई एफआईआर के मामले में पटना हाईकोर्ट का रुख किया है। खान सर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामले को पूरी तरह से रद्द करने की मांग की है।
DESWA DESK : कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और उसके बाद दर्ज हुई एफआईआर के मामले में पटना हाईकोर्ट का रुख किया है। खान सर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामले को पूरी तरह से रद्द करने की मांग की है।
हाल ही में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हमला हुआ था। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खान सर के सुरक्षा गार्ड ने हवाई फायरिंग की थी। इसी हवाई फायरिंग को आधार बनाकर पुलिस ने खान सर के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसे अब उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हाईकोर्ट पहुंचने से पहले खान सर ने गिरफ्तारी के डर से निचली अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस मामले में जिला अदालत ने खान सर को बड़ी राहत देते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की केस डायरी और खान सर का आपराधिक इतिहास अदालत के समक्ष पेश करे। जिला अदालत में अब इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 20 जून को होनी तय हुई है।
इसी कोचिंग विवाद और हमले के मामले में एक अन्य प्रमुख कोचिंग संस्थान 'ज्ञान बिंदु' के संचालक रौशन आनंद फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस ने उन्हें मुख्य आरोपियों में शामिल करते हुए गिरफ्तार किया था। मंगलवार को निचली अदालत से रौशन आनंद को बड़ा झटका लगा, जब कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत से अर्जी खारिज होने के बाद अब रौशन आनंद के वकीलों ने जिला जज की अदालत का रुख करने का फैसला किया है। उनके कानूनी सलाहकारों के मुताबिक, वे जल्द ही जिला जज के समक्ष नई जमानत याचिका दायर करेंगे।
बता दें कि पटना के कोचिंग हब में पिछले दिनों दो गुटों और कोचिंग संचालकों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद खान सर के संस्थान पर हमला हुआ। बचाव में की गई हवाई फायरिंग के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई शुरू की। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पटना के शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मचा हुआ है। अब सभी की निगाहें 20 जून को होने वाली निचली अदालत की सुनवाई और हाईकोर्ट के रुख पर टिकी हैं।













