'इंडी' गठबंधन की बैठक के बीच TMC में महाविस्फोट! दिल्ली से ममता के 20 सांसद 'लापता', बड़ी टूट के आसार
विपक्षी ‘इंडी’ (INDI) गठबंधन की दिल्ली में आयोजित बड़ी बैठक के बीच पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) गहरे राजनीतिक संकट में घिरती नजर आ रही है। एक तरफ जहां दिल्ली में विपक्षी एकजुटता दिखाने के लिए बुलाई गई इस बैठक से आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रमुक (DMK) जैसी प्रमुख पार्टियां नदारद रहीं, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी में एक बहुत बड़ी टूट की पटकथा लिखी जा चुकी है।
DESWA DESK : विपक्षी ‘इंडी’ (INDI) गठबंधन की दिल्ली में आयोजित बड़ी बैठक के बीच पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) गहरे राजनीतिक संकट में घिरती नजर आ रही है। एक तरफ जहां दिल्ली में विपक्षी एकजुटता दिखाने के लिए बुलाई गई इस बैठक से आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रमुक (DMK) जैसी प्रमुख पार्टियां नदारद रहीं, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी में एक बहुत बड़ी टूट की पटकथा लिखी जा चुकी है।
सूत्रों के हवाले से बेहद चौंकाने वाली खबर है कि राजधानी दिल्ली से टीएमसी के करीब 20 सांसद 'गायब' हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन सभी सांसदों को किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जिससे ममता बनर्जी और उनके भतीजे व पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को सोमवार को एक बड़ा झटका लग सकता है।
इस्तीफा दे चुके सुखेंदु शेखर रे की अगुवाई में गुप्त बैठक!
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं कि हाल ही में पार्टी से नाराज होकर इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रे के साथ ये सभी 'लापता' सांसद किसी गुप्त स्थान पर रणनीति बना रहे हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और संभावित बगावत को लेकर अभी तक किसी भी धड़े या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन दिल्ली में टीएमसी के संसदीय दल में इस संभावित महाटूट ने विपक्षी खेमे में हड़कंप मचा दिया है।
दिल्ली से बंगाल तक बगावत की आग, 60 विधायक पहले ही बागी
टीएमसी के भीतर चल रहा यह अंतर्विरोध नया नहीं है। पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए चुनावों के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष के सुर मुखर होने लगे थे। नेताओं द्वारा खुलकर शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था। शुरुआत में पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दो विधायकों-रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया था। लेकिन पार्टी की यह कार्रवाई बगावत को दबाने में नाकाम रही। कुछ ही समय बाद इन दोनों निष्कासित नेताओं की अगुवाई में टीएमसी के 58 और विधायकों ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिए और अपना एक अलग गुट बना लिया। विधायकों के इस बड़े गुट (कुल 60 विधायक) के बाद अब 20 सांसदों के गायब होने से ममता बनर्जी के किले में बड़ी सेंध लगती दिखाई दे रही है।
'इंडी' गठबंधन की बैठक की हवा निकली, आप-डीएमके ने बनाई दूरी
एक ओर जहां टीएमसी अपने आंतरिक संकट से जूझ रही है, वहीं दिल्ली में विपक्ष के 'इंडी' गठबंधन की साख को भी बड़ा झटका लगा है। गठबंधन की इस महत्वपूर्ण बैठक से आम आदमी पार्टी और दक्षिण भारत के मजबूत स्तंभ डीएमके ने दूरी बना ली। इन दोनों बड़ी पार्टियों के नदारद रहने और टीएमसी के भीतर मचे इस घमासान के बाद विपक्षी एकजुटता के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।













