बिहार MLC चुनाव: NDA के 9 और RJD से सुनील सिंह ने भरा पर्चा, उम्मीदवारी पर लालू की बेटी रोहिणी के तंज से मचा हड़कंप
बिहार विधान परिषद (MLC) की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। सोमवार को एनडीए (NDA) के सभी 9 उम्मीदवारों और महागठबंधन की ओर से राजद (RJD) के सुनील सिंह ने अपने-अपने नामांकन दाखिल कर दिए। नामांकन के बाद एनडीए नेताओं ने विधानसभा पोर्टिको में एकजुटता दिखाते हुए 'विक्ट्री साइन' (जीत का संकेत) बनाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
DESWA DESK : बिहार विधान परिषद (MLC) की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। सोमवार को एनडीए (NDA) के सभी 9 उम्मीदवारों और महागठबंधन की ओर से राजद (RJD) के सुनील सिंह ने अपने-अपने नामांकन दाखिल कर दिए। नामांकन के बाद एनडीए नेताओं ने विधानसभा पोर्टिको में एकजुटता दिखाते हुए 'विक्ट्री साइन' (जीत का संकेत) बनाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
हालांकि, इस चुनावी हलचल के बीच राजद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर बेहद तीखे सवाल खड़े कर दिए।
रोहिणी आचार्य का तेजस्वी पर परोक्ष हमला, 'RJD में कोई नेता नहीं बचा क्या?'
सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखा। उन्होंने सीधे तौर पर तेजस्वी यादव को घेरते हुए सवाल किया कि क्या आरजेडी में कोई नेता नहीं बचा है? रोहिणी ने सुनील सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा, 'गुटबाजी, भीतरघात, विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बताकर उगाही-वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को सामने बिठाकर बहन-बेटियों के बारे में ओछी-अमर्यादित बातें है करता, उसको कैसे 'उसके' ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया।' रोहिणी के इस बयान के बाद राजद के भीतर की गुटबाजी और कलह खुलकर सामने आ गई है।
सुनील सिंह बोले-'कुछ भी हो जाए, पार्टी का झंडा झुकने नहीं दूंगा'
विवादों और आरोपों के बीच राजद उम्मीदवार सुनील सिंह ने अपना पर्चा दाखिल करने के बाद मीडिया से बात की। रोहिणी के आरोपों पर सीधे जवाब न देते हुए उन्होंने कहा, 'पार्टी ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, मैं उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा। सदन के भीतर गरीब और किसानों की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाऊंगा। मैं शीर्ष नेतृत्व की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं पार्टी का झंडा कभी झुकने नहीं दूंगा।'
NDA का शक्ति प्रदर्शन: 4 बीजेपी, 4 जदयू और 1 LJP (R) प्रत्याशी मैदान में
एनडीए ने सीट शेयरिंग के तहत रणनीतिक रूप से अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। 9 सीटों पर जीत का दावा ठोकते हुए एनडीए की ओर से भाजपा (BJP) और जदयू (JDU) ने 4-4 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। वहीं, एक सीट चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R) के खाते में गई है, जहां से उन्होंने अपना कैंडिडेट उतारा है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 9 उम्मीदवारों ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ 'विक्ट्री साइन' दिखाकर अपनी जीत का भरोसा जताया।
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को झटका, दीपक प्रकाश की मंत्री पद पर बने रहने के खिलाफ PIL
इस चुनाव में एनडीए की सूची से एक बड़ा नाम गायब रहा। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को एनडीए की सूची में जगह नहीं मिली है। इस बीच, दीपक प्रकाश की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्हें बिना विधायक-विधान पार्षद रहे दोबारा मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए अदालत में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 164(4) का हवाला देते हुए सवाल उठाया गया है कि 6 महीने की तय अवधि बीत जाने के बाद भी, बिना किसी सदन का सदस्य रहे उन्हें मंत्री पद पर कैसे बनाए रखा जा सकता है। इस कानूनी पेंच ने एनडीए के भीतर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
आपको बता दें कि बिहार में 28 जून को 9 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें डॉक्टर कुमुद वर्मा, प्रोफेसर गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म सहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी, सुनील कुमार सिंह शामिल हैं।
जेडीयू कोटे से उम्मीदवार
निशांत कुमार, भारती मेहता, ललन प्रसाद और शिवरानी देवी
बीजेपी कोटे से उम्मीदवार
पवन सिंह, संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर, शीला पंडित
लोजपा (रा) कोटे से उम्मीदवार
मो.अशरफ अंसारी
आरजेडी कोटे से उम्मीदवार
सुनील कुमार सिंह













