पंचायत चुनाव टलने की अटकलों को मंत्री ने किया खारिज, दीपक प्रकाश बोले-हमारी पूरी तैयारी..साल के अंत तक करा लेंगे
क्या बिहार में पंचायत चुनाव इसी साल संपन्न करा लिए जाएंगे? पंचायत चुनाव टलने की अटकलों के बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने ने कहा है कि सरकार की पूरी कोशिश पंचायत चुनावों को अपने तय समय यानी इसी साल यानी (वर्ष 2026) के अंत तक कराने की है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव टालने को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
DESWA DESK : क्या बिहार में पंचायत चुनाव इसी साल संपन्न करा लिए जाएंगे? पंचायत चुनाव टलने की अटकलों के बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने ने कहा है कि सरकार की पूरी कोशिश पंचायत चुनावों को अपने तय समय यानी इसी साल यानी (वर्ष 2026) के अंत तक कराने की है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव टालने को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर थी कि परिसीमन के कारण पंचायत चुनाव अब इस साल ना होकर अगले साल यानी 2027 में होंगे। लेकिन पंचायती राज मंत्री ने इन सभी कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्री ने कहा कि चुनाव टालने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। मीडिया और सोशल मीडिया में में चल रही उन खबरों पर उन्होंने कहा कि अभी ऐसा कोई फैसला सरकार के स्तर पर नहीं लिया गया है।
मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में कहा गया है कि अगस्त 2026 से अप्रैल 2027 तक परिसीमन की प्रक्रिया चलेगी और उसके बाद ही चुनाव होंगे। मंत्री दीपक प्रकाश ने इसे खारिज करते हुए कहा कि चुनाव टलने की खबरें सही नहीं है। सरकार की ओर से इस तरह का अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। हमलोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस साल के अंत तक कराने पर पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। इसी साल के अंत तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराना हमारी विभाग की प्राथमिकता है।
बिहार में पिछले 36 वर्षों से पंचायतों का परिसीमन नहीं हुआ है। इस लंबी अवधि में गांवों और कस्बों की आबादी में भारी बदलाव आया है। सरकार इस बार 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की सीमाओं को नए सिरे से तय कर रही है। परिसीमन से आबादी के नए आंकड़ों के अनुसार वार्डों और पंचायतों की सीमाएं तय होने से हर क्षेत्र को सही और बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा।
साथ ही, बदलती आबादी के बीच पंचायतों का ढांचा भौगोलिक रूप से व्यावहारिक और सामाजिक रूप से संतुलित बनेगा। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2021 में कोरोना महामारी की असाधारण परिस्थितियों के कारण बिहार में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाए थे। तब सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी थी। पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार स्थितियां सामान्य हैं। परिसीमन को लेकर विभाग सक्रिय जरूर है, लेकिन इसे चुनाव टालने का आधार नहीं माना जाना चाहिए। सरकार समय पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है और तैयारियां इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।













