समय पूर्व करें बाढ़ से बचाव की तैयारी, डीएम का अधिकारियों को निर्देश; कोई कोताही ना बरतें

पिछले वर्षों में हुई बाढ़ की घटनाओं के अनुभवों के आधार पर बाढ़ से बचाव सम्बंधी सारी तैयारी करें। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बख्तियारपुर, पटना सिटी, दीघा, खगौल एवं अनिसाबाद के कार्यपालक अभियंताओं , आपदा प्रबंधन विभाग के  पदाधिकारी  एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने  यह निर्देश दिए हैं।

समय पूर्व करें बाढ़ से बचाव की तैयारी, डीएम का अधिकारियों को निर्देश; कोई कोताही ना बरतें

DESWA DESK : पिछले वर्षों में हुई बाढ़ की घटनाओं के अनुभवों के आधार पर बाढ़ से बचाव सम्बंधी सारी तैयारी करें। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बख्तियारपुर, पटना सिटी, दीघा, खगौल एवं अनिसाबाद के कार्यपालक अभियंताओं , आपदा प्रबंधन विभाग के  पदाधिकारी  एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने  यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले अंचलों की सूची बना लें एवं अभी से ही बाढ़ पूर्व एवं बाढ़ के दौरान किये जाने वाले कार्यों को चिन्हित कर लें। 

बाढ़ नियंत्रण से जुड़े पदाधिकारियों ने जिला पदाधिकारी को बताया कि पटना जिले के चिन्हित 43 जगहों पर बाढ़ निरोधक कार्य पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे संयुक्त रूप से सभी स्थलों का निरीक्षण कर लें। यदि आवश्यक लगे तो सुदृढ़ीकरण के लिए अतिरिक्त काम भी कराएं, लेकिन बाढ़ रोकें। उन्होंने कहा कि इन 43 स्थलों के अलावे उन सभी जगहों पर भी नजर रखें जहां पूर्व में बांध टूटा था। 

इन जगहों पर भी पर्याप्त मात्रा में फ्लड फाईटिंग से संबंधित सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में बाढ़ की दृष्टि से 31 अतिसंवेदनशील एवं 181 संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार कर ली गई है, जहां बाढ़ की रोकथाम के लिए 8 लाख 58 हजार बालू भरे ईसी बैग एवं 2083 घन मीटर अतिरिक्त स्थानीय बालू का भंडारण किया जा रहा है। इन स्थलों पर 64093 नायलॉन क्रेट एवं 10682 जियो बैग भी उपलब्ध करा लिया गया हैं। 

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए समग्रियों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। अभी समय है पर्याप्त संख्या में सामग्रियों को एकत्र कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि फ्लड फाईटिंग से जुड़ी सामग्रियों जैसे- जियो बैग, ईसी बैग, बांस आदि का संग्रहण उस स्थल पर करें, बांध क्षतिग्रस्त होने पर जहां से उनका परिवहन आसान एवं सुगम हो। उन्होंने वाहन, जेनरेटर अन्य सहायक सामग्रियों एवं मजदूरों की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि अभी से ही झारखंड से आने वाली नदियों पर विशेष नजर रखें।