बांकीपुर उपचुनाव : प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, बीजेपी के इस 'अभेद्य किले' से लड़ेंगे अपना पहला चुनाव, जन सुराज ने किया एलान

जन सुराज पार्टी ने पटना की सबसे हाई प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपने सबसे बड़े चेहरे प्रशांत किशोर (पीके) को उम्मीदवार बनाने का आधिकारिक एलान कर दिया है। आज पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले पर मुहर लगाई गई।

बांकीपुर उपचुनाव : प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, बीजेपी के इस 'अभेद्य किले' से लड़ेंगे अपना पहला चुनाव, जन सुराज ने किया एलान

DESWA DESK : जन सुराज पार्टी ने पटना की सबसे हाई प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपने सबसे बड़े चेहरे प्रशांत किशोर (पीके) को उम्मीदवार बनाने का आधिकारिक एलान कर दिया है। आज पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले पर मुहर लगाई गई।

यह सीट भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हाल ही में राज्यसभा सांसद चुने जाने और विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई है। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर के इस फैसले ने इस उपचुनाव को महज एक विधानसभा सीट की लड़ाई से ऊपर उठाकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर 'जनमत संग्रह' में तब्दील कर दिया है।

निर्वाचन आयोग के शेड्यूल के मुताबिक बांकीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए छह जुलाई को अधिसूचना जारी होगी, जिसके बाद 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा और तीन अगस्त को मतगणना के साथ ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।

 साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटों पर लड़ने के बावजूद खाता न खोल पाने वाली जन सुराज के लिए यह चुनाव करो या मरो जैसा है। प्रशांत किशोर खुद पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर अपनी साख दांव पर लगा रहे हैं। बांकीपुर सीट को भाजपा का सबसे सुरक्षित और पारंपरिक गढ़ माना जाता है। साल 1995 से ही इस सीट पर नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और फिर खुद नितिन नवीन का कब्जा रहा है।

प्रशांत किशोर ने इस चुनाव को व्यवस्था के खिलाफ जनता की लड़ाई बताया है। उन्होंने कहा  कि एक सीट से सरकारें नहीं बदलतीं, लेकिन यह चुनाव जनता को यह संदेश देने का मौका है कि वह मौजूदा एनडीए सरकार के सिस्टम से ऊब चुकी है।