बिहार में नई गाड़ियों पर लगेगा 1% अतिरिक्त सेस, जानिए सरकार ने क्यों लिया फैसला

बिहार में बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। डिप्टी सीएम Vijay Kumar Chaudhary ने कहा कि पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में ताप..

बिहार में नई गाड़ियों पर लगेगा 1% अतिरिक्त सेस, जानिए सरकार ने क्यों लिया फैसला

बिहार में बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। डिप्टी सीएम Vijay Kumar Chaudhary ने कहा कि पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि दिन में चलने वाली हवा भी आग जैसी महसूस हो रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते सरकार और लोग सतर्क नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में बिहार की स्थिति भी दूसरे अत्यधिक गर्म राज्यों जैसी हो सकती है।

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जल-जीवन-हरियाली अभियान

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर काम आज से नहीं, बल्कि साल 2019 से ही शुरू हो गया था। उस समय पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया गया था। विजय कुमार चौधरी ने बताया कि उस अभियान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है और कई इलाकों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है।

अलग-अलग विभागों से 0.25 प्रतिशत सेस लिया जाएगा

डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नीतियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। इसी के तहत बिहार सरकार “बिहार एनवायरनमेंट फंड” बनाएगी। इस फंड में विभिन्न सरकारी विभागों से 0.25 प्रतिशत सेस लिया जाएगा।

नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर भी 1 प्रतिशत अतिरिक्त सेस लगाया जाएगा

इसके अलावा, अब राज्य में नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर भी 1 प्रतिशत अतिरिक्त सेस लगाया जाएगा। सरकार के अनुसार, यह राशि सीधे क्लाइमेट फंड में जमा होगी और इसका इस्तेमाल हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और गर्मी के असर को कम करने वाले कार्यों में किया जाएगा।

रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा अतिरिक्त राशि भी देनी होगी

सरकार के अनुसार जब कोई व्यक्ति बिहार में नई गाड़ी खरीदेगा और उसका रजिस्ट्रेशन करवाएगा, तब उसे रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा अतिरिक्त राशि भी देनी होगी।इसी अतिरिक्त राशि को सेस कहा जाता है।सरकार ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन अमाउंट 10 लाख रुपये है, तो वाहन मालिक को करीब 10 हजार रुपये अतिरिक्त सेस के रूप में देने पड़ सकते हैं। यानी, अब बिहार में नई गाड़ी खरीदना थोड़ा महंगा जरूर होगा, लेकिन सरकार का दावा है कि यह कदम भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए अहम साबित होगा।