LPG संकट के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला, गरीबों को मिलेगा कुकिंग कोल
बिहार में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने गरीब परिवारों...
बिहार में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने गरीब परिवारों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करते हुए अब कोयला उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। राज्य में LPG की कमी और महंगाई के बीच बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने तय किया है कि सभी BPL और राशन कार्डधारकों को खाना पकाने के लिए अब सरकारी स्तर पर कोयला दिया जाएगा।
PDS दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
इस संबंध में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खान एवं भूविज्ञान विभाग, परिवहन विभाग और सभी सभी 38 जिले के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार के सचिव अभय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीण इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर बिहार समेत पूरे देश में देखने को मिल रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी संकट को देखते हुए सरकार ने कोयले को ‘इमरजेंसी बैकअप’ के रूप में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि प्रत्येक परिवार को कितना और कब तक कोयला मिलेगा।
लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद
सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थियों तक कोयले की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए। सरकार के इस फैसले से लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो महंगी LPG खरीदने में सक्षम नहीं हैं। अब देखना होगा कि यह योजना जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू होती है।













