मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को बड़ी राहत, स्पेशल कोर्ट से इस मामले में मिली नियमित जमानत

आर्म्स एक्ट से जुड़े चर्चित मामले में मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को सोमवार को बड़ी राहत मिली। दोनों ने गोपालगंज के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के बाद उनकी नियमित (स्थायी) जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई।

मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को बड़ी राहत, स्पेशल कोर्ट से इस मामले में मिली नियमित जमानत

DESWA DESK : आर्म्स एक्ट से जुड़े चर्चित मामले में मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को सोमवार को बड़ी राहत मिली। दोनों ने गोपालगंज के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के बाद उनकी नियमित (स्थायी) जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई। दोनों के कोर्ट पहुंचने की सूचना मिलते ही सिविल कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

 किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पूरे परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक ने अदालत में दलील दी कि दोनों के खिलाफ दर्ज मामला निराधार है और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से एपीओ मंजय मधूप ने न्यायालय को बताया कि पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र में दोनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अभियोजन के अनुसार, मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव में आयोजित एक जनेऊ समारोह के दौरान अश्लील गीत पर डांसर के साथ नृत्य करते हुए हथियार लहराने का वीडियो सामने आया था। इसी वीडियो के आधार पर दो मई को मीरगंज थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस इस मामले में दोनों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अनंत सिंह और गुंजन सिंह की नियमित जमानत मंजूर कर ली।

अदालत से बाहर निकलने के बाद विधायक अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, और यह पूरी तरह साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास था कि अदालत से न्याय मिलेगा। वहीं, जमानत मिलने के बाद समर्थकों ने दोनों का स्वागत किया। अब इस मामले की आगे की सुनवाई न्यायालय द्वारा निर्धारित अगली तिथि पर होगी।