किशनगंज में EOU का बड़ा एक्शन: टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के ठिकानों पर छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का मामला
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। किशनगंज में पूर्व एसडीपीओ के बाद अब टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के रडार पर हैं। मंगलवार सुबह एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर टीम ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। EOU ने मंगलवार सुबह करीब 8 बजे किशनगंज टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के पांच अलग-अलग ठिकानों .....
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। किशनगंज में पूर्व एसडीपीओ के बाद अब टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के रडार पर हैं। मंगलवार सुबह एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर टीम ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। EOU ने मंगलवार सुबह करीब 8 बजे किशनगंज टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई किशनगंज, पटना और छपरा में की जा रही है।
4 गाड़ियों से पहुंची 9 सदस्यीय टीम
किशनगंज में उनके आवास और चेंबर पर रेड डाली गई है, जो टाउन थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां 4 गाड़ियों से पहुंची 9 सदस्यीय टीम जांच में जुटी है, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं। पटना के रामकृष्णा नगर स्थित देवनगर कॉलोनी में भी EOU की टीम ने दबिश दी है। DSP सीपी यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम को घर पर कोई सदस्य नहीं मिला, जिसके कारण टीम परिजनों का इंतजार करते हुए दस्तावेजों की जांच में जुटी रही। सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव पैगा में भी सुबह-सुबह छापेमारी की गई। टीम जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों से जुड़े कागजात खंगाल रही है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
अभिषेक रंजन के खिलाफ आय से करीब 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में संपत्तियों के स्रोत और लेन-देन की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, विभागीय कार्रवाई के तहत एसपी ने उन्हें पद से हटा दिया है। वहीं, उनके ड्राइवर हरेंद्र से भी पूछताछ की जा रही है। माफिया से साठगांठ के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जिसकी जांच जारी है।
वर्ष 2009 में दारोगा के रूप में पुलिस सेवा जॉइन की थी
अभिषेक रंजन ने वर्ष 2009 में दारोगा के रूप में पुलिस सेवा जॉइन की थी। बाद में उन्हें इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन मिला। दिसंबर 2024 में उन्होंने किशनगंज सदर थाना का प्रभार संभाला था। इससे पहले वे बहादुरगंज और टाउन थाना प्रभारी रह चुके हैं। पटना के गोपालपुर थाना सहित कई जगहों पर भी उन्होंने सेवा दी है। गौरतलब है कि इससे पहले 31 मार्च को किशनगंज के तत्कालीन SDPO गौतम कुमार के सरकारी आवास पर भी EOU ने छापेमारी की थी। महज 15 दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।













