पटना में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई: कदमकुंआ थाना के अपर थानाध्यक्ष 7 हजार रुपये लेते गिरफ्तार

पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कदमकुंआ थाना के अपर थानाध्यक्ष अर्जुन यादव को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जस्टिस राज किशोर...

पटना में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई: कदमकुंआ थाना के अपर थानाध्यक्ष 7 हजार रुपये लेते गिरफ्तार

पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कदमकुंआ थाना के अपर थानाध्यक्ष अर्जुन यादव को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जस्टिस राज किशोर पथ पर, थाना परिसर के पास बुद्ध मूर्ति के समीप की गई।

‎पूरा ऑपरेशन पूर्व नियोजित ट्रैप के तहत किया गया

ब्यूरो के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन पूर्व नियोजित ट्रैप के तहत किया गया था। शिकायत मिलने के बाद पहले मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या-051/26 दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया।मामले की शुरुआत कदमकुंआ निवासी शमशाद आलम की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन यादव उन्हें एक केस (कांड संख्या-315/26) में फंसाने की धमकी दे रहे थे और उससे बचाने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे। जांच में यह बात सही साबित होने के बाद कार्रवाई की गई।

‎अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है

‎पुलिस उपाधीक्षक आदित्य राज के नेतृत्व में गठित रेड टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है।गौरतलब है कि हाल ही में कदमकुंआ थाना क्षेत्र में एक जुआ अड्डे पर छापेमारी के दौरान तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। उसी मामले में शिकायतकर्ता पर दबाव बनाकर घूस की मांग की जा रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।

‎आंकड़ों में देखें तो सख्त हो रही कार्रवाई

‎वर्ष 2026 में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज 51वां मामला है, जिनमें 46 ट्रैप केस शामिल हैं। अब तक 44 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 17.48 लाख रुपये की रिश्वत बरामद की गई है।वहीं, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामलों में 37.80 लाख रुपये की राशि जब्त की गई थी।इन आंकड़ों से साफ है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग लगातार सक्रिय है और सख्त कार्रवाई जारी है।